BJP के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष और पूर्व IPS के अन्नामलाई ने NEET-UG री-टेस्ट के लिए लागू कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है. के. अन्नामलाई ने इन इंतजामों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे परीक्षा देने वाले छात्रों का तनाव और बढ़ेगा. मंगलवार को पूर्व बीजेपी नेता ने 21 जून को निर्धारित नीट री-टेस्ट (NEET re-test) से संबंधित सुरक्षा उपायों के खिलाफ कड़ी आपत्तियां जाहिर की हैं.

BJP से इसी महीने रास्ता अलग हुए हैं और तमिलनाडु में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इसकी केंद्र सरकार के खिलाफ सियासी मोर्चा संभाल लिया है.
21 जून को होने वाले NEET री-टेस्ट से पहले केंद्र सरकार ने नकल और पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक सख्त कर दिया है. अन्नामलाई ने नीट-री-टेस्ट के लिए किए गए अप्रत्याशित सुरक्षा इंतजामों को लेकर बहुत ही सख्त अंदाज में एक्स पोस्ट किया है.

NEET-UG री-टेस्ट प्रश्नपत्रों की एयरफोर्स के जरिए ढुलाई से लेकर AI आधारित फेस रिकग्निशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध जैसे कदम सरकार द्वारा उठाए गए हैं. इन सब बातों को लेकर के अन्नामलाई ने चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले कड़ी जांच-पड़ताल से छात्रों में तनाव और घबराहट बढ़ सकती है.
परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने को लेकर भी उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा का दबाव और बढ़ेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह किसी सैन्य सॉफ्टवेयर की खरीद नहीं, बल्कि NEET री-टेस्ट की व्यवस्था है.
वहीं, बीजेपी नेता विनोद सेल्वम ने अन्नामलाई के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी और सुरक्षा जांच जैसी व्यवस्थाएं किसी भी बड़े और गंभीर परीक्षा आयोजन का सामान्य हिस्सा होती हैं.
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