पटना। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में छात्रों का आक्रोश लगातार उग्र होता जा रहा है। छात्र संगठन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के नेतृत्व में राज्यभर में जोरदार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। छात्रों के इस बड़े आंदोलन को देखते हुए बिहार पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

​AISA का विरोध का पूरा शेड्यूल और ‘ब्लैक डे’

​छात्र संगठन AISA ने इस आंदोलन को तेज करने के लिए तिथियों की घोषणा की है। संगठन ने 22 जुलाई को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया और इसके बाद 23 व 24 जुलाई को पूरे राज्य में ‘प्रतिरोध दिवस’ के रूप में विभिन्न जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए। अब AISA ने 25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ का ऐलान किया है और सभी छात्रों तथा न्यायप्रिय नागरिकों से इसे सफल बनाने की अपील की है।

​पटना से लेकर जिलों तक सड़कों पर उतरा छात्रों का गुस्सा

​आंदोलन के दूसरे दिन यानी गुरुवार को भी पटना के अशोक राजपथ पर छात्रों ने प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, उनका यह विरोध जारी रहेगा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास कर रही है।
​राजधानी पटना के अलावा दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार में भी उग्र प्रदर्शन देखने को मिले। जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उग्र छात्र रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को करीब 30 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। बेगूसराय में कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान छात्रों ने जिला प्रशासन की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। वहीं, कटिहार में डीएम ऑफिस के बाहर हुई पत्थरबाजी में एक मजिस्ट्रेट की आंख गंभीर रूप से चोटिल हो गई।

​22 जुलाई को सीएम हाउस और राजभवन तक पहुंचे थे छात्र

​इससे पहले 22 जुलाई को पटना के डाकबंगला चौराहे पर भारी बवाल हुआ था। छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के सिर फट गए और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जब छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की तरफ बढ़े, तो सुरक्षा बलों (CISF और CRPF) ने उन्हें खदेड़ दिया और कई छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।