प्रमोद कुमार/​कुदरा/भभुआ। बिहार के कैमूर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कुदरा थाना क्षेत्र के डाकबंगला परिसर में पुलिस द्वारा जब्त की गई बालू लदी ट्रकों से सरेआम बालू चोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतना ही नहीं, घटना को कवर करने गए पत्रकारों के साथ बदसलूकी और उनका मोबाइल छीनने की घटना ने इस पूरे प्रकरण को और भी गंभीर बना दिया है।

​एसपी ने लिया संज्ञान, दोषियों पर होगी कार्रवाई

​मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने बताया कि वीडियो के माध्यम से जब्त ट्रकों से बालू चोरी की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी या बाहरी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​’पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग’ है प्राथमिकता

​भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ सख्त लहजे में एसपी शिखर चौधरी ने कहा कि कर्तव्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पुलिस अधिकारी एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी करता है या आम जनता को परेशान करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कदम उठाए जाएंगे।
​एसपी ने जिले की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग (जन-हितैषी पुलिसिंग) को धरातल पर उतारना है। उन्होंने आगे कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। पीड़ितों को बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पुरानी कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाएगा। पुलिस का पूरा ध्यान त्वरित न्याय और पारदर्शी जांच पर केंद्रित है।
​यह घटना न केवल पुलिस की छवि के लिए एक चुनौती है, बल्कि यह भी संकेत है कि कैमूर प्रशासन अब सुधार की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में सामने आए दोषियों पर किस स्तर की कार्रवाई होती है।