प्रमोद कुमार/कैमूर। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में चार लोगों की निर्मम हत्या कर उनके सिर धड़ से अलग कर दिए गए। कैमूर पुलिस के लिए यह पूरा मामला एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, लेकिन अब इस हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में मुख्य संदेही, जो कि मृतक का सगा भाई बताया जा रहा है, उसे हिरासत में ले लिया है।

​दुर्गावती नदी से दो कटे सिर बरामद, दो बच्चों की तलाश जारी

​पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार चलाए जा रहे खोजी अभियान के तहत अकोढ़ी के समीप दुर्गावती नदी के किनारे से एक महिला और एक पुरुष का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया है। हालांकि, परिवार के दो मासूम बच्चों के कटे हुए सिर अभी भी लापता हैं। नदी के गहरे पानी में स्थानीय गोताखोरों की मदद से उन दोनों बच्चों के सिरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

​आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

​इस खौफनाक वारदात के बाद डहरक गांव में मातम और भारी तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार के घर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। स्थिति को नियंत्रित करने और साक्ष्य जुटाने के लिए मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार, रामगढ़ थानाध्यक्ष और आलोक कुमार सहित कई थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात है। पुलिस ने बंद घर का ताला खोलकर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है।

​संपत्ति विवाद या आपसी रंजिश? जांच में जुटी पुलिस

​शुरुआती जांच और ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों की पहचान रामगढ़ के डहरक निवासी कृष्णा मुरारी, उनकी पत्नी और दो बच्चों के रूप में की गई है, हालांकि पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने शनिवार दोपहर 3:20 बजे बयान जारी कर बताया कि दो सिर बरामद हो चुके हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस जघन्य अपराध को तीन से चार लोगों ने मिलकर अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए भाई से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के मुख्य कारणों का पता लगाया जा सके।