पटना। बिहार की राजधानी के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मुसल्लहपुर हाट में गुरुवार की देर शाम एक मसाला व्यवसायी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस अंधेरे खेल का पर्दाफाश करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
सिर्फ 10 हजार रुपये के एडवांस पर ली सुपारी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटरों को मोटी रकम का लालच दिया गया था, जिसमें से 10,000 एडवांस के तौर पर दिए गए थे। पकड़े गए मुख्य शूटर की उम्र महज 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इतनी कम उम्र के लड़कों का इस तरह की वारदात में शामिल होना बेहद चिंताजनक है। पटना पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विस्तृत विवरण मीडिया के साथ साझा करने वाली है।
वॉर मॉक ड्रिल और 2 मिनट का खूनी खेल
अपराधियों ने इस हत्या को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर और फिल्मी तरीका अपनाया। दरअसल, गुरुवार शाम को पटना में युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए एक ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया था। योजना के मुताबिक, शाम ठीक 7 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके की बिजली काट दी गई और चारों तरफ ‘ब्लैकआउट’ (अंधेरा) छा गया।
मसाला व्यवसायी 25 वर्षीय पिंटू कुमार उस समय अपनी चाय-मसाले की गद्दी पर बैठे थे। सभी व्यापारियों को पता था कि यह बिजली सिर्फ 15 मिनट के लिए काटी गई है, इसलिए किसी ने जेनरेटर या लाइट चालू नहीं की। अपराधी इसी पल की ताक में थे। ब्लैकआउट होने के ठीक 2 मिनट बाद, यानी शाम 7 बजकर 2 मिनट पर दो अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर पिंटू की गद्दी तक पहुंच गए।
साइलेंसर लगी पिस्टल से मारी गोली, पिता बोले- कुछ सुनाई नहीं दिया
गद्दी पर बैठते ही अपराधियों ने पिंटू के सिर पर साइलेंसर लगी पिस्टल सटाई और गोली दाग दी। पिस्टल में साइलेंसर होने के कारण गोली चलने की कोई आवाज नहीं हुई। मौके पर मौजूद पिंटू के पिता नेपाली साव ने बताया कि अचानक बत्ती गुल होने से चारों तरफ घाना अंधेरा था। किसी ने मोबाइल की फ्लैशलाइट भी नहीं जलाई थी। गोली की आवाज इतनी धीमी थी कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
जब पिंटू दर्द के मारे जोर से चीखा, तब आसपास के लोग उसकी गद्दी की तरफ दौड़े। आनन-फानन में लहूलुहान पिंटू को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, लेकिन जख्म इतना गहरा था कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी पैदल ही अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गए थे। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस से न्याय तथा बाकी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

