प्रमोद कुमार/​कैमूर। जिले की राजनीति इन दिनों जिला परिषद के भीतर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के दौर के कारण चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ताजा घटनाक्रम में भभुआ जिला परिषद सदस्य विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ भभुआ कोर्ट के माध्यम से 2 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। यह विवाद तब और गहरा गया जब अध्यक्ष ने एक प्रेसवार्ता में गंभीर आरोप लगाए।

​विवाद की शुरुआत: स्ट्रीट लाइट में गबन का आरोप

​विवाद की जड़ रामगढ़ के पूर्व विधायक अशोक सिंह द्वारा डीएम नितिन कुमार सिंह को दी गई वह सूचना है जिसमें उन्होंने जिला परिषद द्वारा लगाए गए स्ट्रीट लाइट में बड़े पैमाने पर अनियमितता और लाखों रुपये के गबन का दावा किया था। इस शिकायत के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। इसके विरोध में विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने अन्य सात जिला परिषद सदस्यों के साथ मिलकर जिला परिषद कार्यालय पहुंचकर तत्काल बैठक बुलाने की मांग की।

​अध्यक्ष की प्रतिक्रिया और पलटवार

​मामले के तूल पकड़ने पर जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह ने प्रेसवार्ता कर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा मैंने विकास सिंह को अब तक दो बार खरीदा है और तीसरी बार भी खरीदने को तैयार हूं। अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए विकास सिंह पर स्वयं 14.5 लाख रुपये की योजना में भ्रष्टाचार करने और कोई कार्य न करने का आरोप लगाया और उनके कार्यों की भी जांच की मांग कर दी।

​विकास सिंह का रुख: खरीद-फरोख्त का पैसा कहां से आया?

​अध्यक्ष के बयानों से आहत विकास सिंह ने इसे अपनी छवि धूमिल करने वाला कदम बताया है। विकास सिंह ने कहा कि अध्यक्ष का यह बयान कि उन्होंने मुझे खरीदा है यह दर्शाता है कि वे खुद खरीद-फरोख्त के जरिए पद पर बैठी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वे भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं, तो उनके पास यह पैसा कहां से आया?
​साथ ही विकास सिंह ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष को इन विवादों में घिरे होने के बजाय अपने कार्यालय के ऑडिटर पर लगे यौन शोषण के आरोपों की गंभीरता को समझना चाहिए था जिस पर पहले से ही भभुआ एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज है। इन्हीं आरोपों के विरोध में विकास सिंह ने कानूनी सहारा लेते हुए मानहानि का नोटिस भेजा है।