कैथल. कैथल में धान कटाई सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने अधिकारियों को गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और फील्ड में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बार प्रशासन का लक्ष्य पराली जलाने की घटनाओं को शून्य पर लाना है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनरी और सरकार की 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी जाएगी।
एडीसी डा. सुशील कुमार ने कहा कि धान कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। सीजन में फसल अवशेष जलाने की संभावनाएं बनी रहती हैं। इसको लेकर कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के स्टाफ की फील्ड में ड्यूटी लगाई जाए, ताकि मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। इस बार आगजनी के मामलों को शुन्य पर लाने के लिए अच्छी रणनीति तैयार करें। गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में प्रेरित किया जाए।
एडीसी डा. सुशील कुमार मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कृषि सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले में करीब एक लाख 76 हजार हेक्टेयर में धान रोपित की जाती है, इसमें एक लाख 63 हजार हेक्टेयर में नॉन बासमती किस्म रोपित होती है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए। कृषि विभाग के साथ-साथ ग्राम सचिव, पटवारी, वेटनरी चिकित्सक, बागवानी सहित अन्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं। साथ ही ब्लॉक लेवल पर मशीनों की मैपिंग की जाए। सुनिश्चित करें कि किसानों को समय पर मशीनरी मिल जाए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि सभी एसएचओ की बैठक लेकर उन्हें अलर्ट करें।
उन्होंने कहा कि फसल की कटाई के पश्चात कुछ किसान इसके अवशेषों को जला देते हैं। जिसकी वजह से पर्यावरण प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति का कम होना, लाभदायक कीट/जीवाणुओं का समाप्त होना तथा मनुष्य के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा सम्पत्ति व जान-माल की हानि का भी डर बना रहता है। उन्हें बताएं कि फसल अवशेषों का एक्स सीटू व इन सीटू से प्रबंधन करने से सरकार द्वारा 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। इसलिए कोई भी किसान फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को नहीं जलाए, बल्कि उनका प्रबंधन करें। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम संजय कुमार, जिला परिषद के सीईओ गुलजार मलिक, डीएसपी बीरभान, डीडीए गिरीश नागपाल, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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