कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से फर्जी एसएमएस लिंक के जरिए होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से फोन का कंट्रोल हैकर्स के पास जा सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
राकेश कथूरिया, कैथल। पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि आजकल साइबर ठग बैंक, सरकारी विभाग, कूरियर कंपनी, लॉटरी, इनाम या रिफंड के नाम पर फर्जी एसएमएस भेजकर उसमें लिंक अटैच करते हैं। यह लिंक असली जैसा दिखता है।
लिंक से फोन हैक
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि कुछ मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही फोन का कंट्रोल भी साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। वे आपके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंचकर दूसरों को भी ऐसे ही फर्जी लिंक भेज देते हैं।
कई बार “आपका अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा”, “इनाम जीत गए हैं”, “रिफंड मिलना है”, “पार्सल अटका है” जैसे बहाने बनाकर डर या लालच पैदा किया जाता है।
कैसे होता है फ्रॉड
एसपी ने बताया कि लिंक पर क्लिक करते ही नकली बैंक वेबसाइट खुलती है। लॉगिन आईडी, पासवर्ड, ओ टी पी, पिन भरवाया जाता है। बैकग्राउंड में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
मोबाइल से सारे मैसेज पढ़े जाते हैं और ओ टी पी अपने आप पकड़ लिया जाता है। ठग आपके नाम से दूसरों को भी ऐसा एस एम एस भेजते हैं।
जरूरी सावधानियां
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताई ये जरूरी सावधानियाँ: किसी भी अनजान अथवा संदिग्ध मैसेज लिंक पर क्लिक न करें। बैंक/सरकारी विभाग कभी भी लिंक के माध्यम से जानकारी नहीं मांगते। ओटीपी, पिन, पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लॉगिन करें। मोबाइल फोन और बैंक ऐप को अपडेट रखें। शक होने पर तुरंत बैंक या साइबर सेल से संपर्क करें।
शिकार होने पर क्या करें
अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत बैंक/यूपीआई/वॉलेट को कॉल करके ब्लॉक करवाएं। अनजान ऐप को फोन से हटाएं। पासवर्ड बदलें और सुरक्षा सेटिंग मजबूत करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

