कैथल, 6 अगस्त। शिक्षा विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश कैथल के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. सुशील कुमार ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं की गंभीरता से जांच की जाए। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में भी भेजी जाए।

बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्ती

लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में एडीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बैठक में अनुपस्थित एबीआरसी और बीआरपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा उनका एक दिन का वेतन भी काटा जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कंडम भवनों में कक्षाएं लगाने पर रोक

एडीसी ने ग्योंग, गढ़ी पाड़ला, पट्टी डोगर, सिसला सिसमौर, ढांड और कौल के कंडम घोषित स्कूल भवनों की बोली कर नए भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंडम भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं न लगाई जाएं तथा भवनों के चारों ओर कांटेदार तार लगाकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बलवंती के राजकीय स्कूल भवन का दोबारा निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए।

स्कूलों में बिजली, फर्नीचर और जल निकासी की व्यवस्था करें

एडीसी ने रामगढ़ पांडवा और जटहेड़ी के राजकीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं वजीरनगर, कैलरम और नरवलगढ़ के स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने को कहा। भागल के राजकीय स्कूल में जलभराव की समस्या दूर करने और सभी स्कूलों में ऐसी स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

शिक्षकों के प्रशिक्षण और मासिक समीक्षा पर जोर

डॉ. सुशील कुमार ने बीआरपी को विषयवार शिक्षकों की पहचान कर विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में होने वाली बैठकों का सकारात्मक परिणाम दिखाई देना चाहिए। डीपीसी को निर्देश दिए गए कि वे हर महीने बीआरपी और एबीआरसी की निरीक्षण रिपोर्ट का विश्लेषण कर संकलित रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय भेजें और अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित समीक्षा बैठक करें।

डिजिटल सुविधाएं और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

एडीसी ने निर्देश दिए कि स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, लैब, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि किसी स्कूल में किसी सुविधा की आवश्यकता हो तो प्रस्ताव उचित माध्यम से अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय भेजा जाए। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता बनाए रखने और समय-समय पर उसका निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही आरोही और संस्कृति मॉडल स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों के सहयोग से स्कूलों की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया।

दिव्यांग छात्रों और छात्राओं की सुविधाओं की भी होगी जांच

सीएमजीजीए दिव्यता मेहर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बने रैंप और शौचालयों की स्थिति की जांच की जाए। यदि वे मानकों के अनुरूप नहीं हैं तो उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने सभी राजकीय कन्या विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने और बंद पड़ी इंसिनरेटर मशीनों को एक सप्ताह के भीतर चालू कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद राणा, डीपीसी राजेंद्र आजाद, डिप्टी डीईओ जयभगवान, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी और बीआरपी मौजूद रहे।

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