नितिन नामदेव, रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय और अल्ट्राटेक सीमेंट की संयुक्त पहल से विश्वविद्यालय परिसर में ‘अल्ट्राटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह विश्वविद्यालय का आठवां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है, जिसे विशेष रूप से सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और करियर उन्मुख कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

उद्घाटन समारोह में प्रधान महालेखाकार (AG ऑफिस) यशवंत कुमार मुख्य अतिथि और नाबार्ड के महाप्रबंधक शीतांशु शेखर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने अल्ट्राटेक सीमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रबंधन की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर केंद्र का शुभारंभ किया।

कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

समारोह में अल्ट्राटेक सीमेंट की ओर से जोनल हेड प्रतीक झा और रीजनल हेड रमन शर्मा उपस्थित रहे। वहीं, कलिंगा विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. डॉ. आर. श्रीधर, महानिदेशक डॉ. बायजू जॉन, प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी तथा निदेशक (कॉर्पोरेट रिलेशंस) पंकज तिवारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट विभा चंद्राकर, प्रभारी अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने किया। इस दौरान विज्ञान संकाय की सहायक प्राध्यापक अभिसस्मिता रॉय ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति देकर समारोह की शुरुआत की। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण भी किया।

‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य अतिथि यशवंत कुमार ने कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक नई सुविधा नहीं, बल्कि निर्माण उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में सहायक बताया।

वहीं, शीतांशु शेखर ने कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों को भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करेगा और उन्हें आधुनिक तकनीकी दक्षता प्रदान करेगा।

छात्रों को मिलेगा उद्योग से जुड़ने का अवसर

कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने कहा कि इस सेंटर को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इससे छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।

अल्ट्राटेक सीमेंट के जोनल हेड प्रतीक झा ने कहा कि कंपनी हमेशा से कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप दक्ष सिविल इंजीनियर तैयार करेगा।

रीजनल हेड रमन शर्मा ने कहा कि यह पहल शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने के साथ-साथ नवाचार, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देगी।

वहीं, कॉर्पोरेट रिलेशंस निदेशक पंकज तिवारी ने बताया कि इस साझेदारी से छात्रों को इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। ऑन-कैंपस सेंटर होने से विद्यार्थी उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्रों को मिलेंगी ये विशेष सुविधाएं

उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान

इंटर्नशिप, प्लेसमेंट सहायता, लाइव प्रोजेक्ट्स और केस स्टडीज़

कौशल संवर्धन एवं प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) कार्यक्रम

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDPs)

संयुक्त अनुसंधान (रिसर्च), परामर्श एवं स्टार्टअप मेंटरशिप

विनिर्माण सुविधाओं (मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़) का औद्योगिक दौरा

टेक्निकल फेस्ट, हैकाथॉन, सम्मेलन, कार्यशालाएं (वर्कशॉप्स) और सेमिनार

बड़ी संख्या में मौजूद रहे विद्यार्थी और शिक्षाविद

कार्यक्रम का समापन कॉर्पोरेट ट्रेनर लिपसा दास के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर बिगमिंट के एजीएम मनीष अग्रवाल, सीनियर एनालिस्ट सुयश जैन, रियल ग्रुप के सीएसआर हेड नीरज पांडे सहित विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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