राजधानी दिल्ली में आगामी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra ) को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और भक्तिभाव से परिपूर्ण बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने हाई लेवल ‘कांवड़ समिति’ का पुनर्गठन किया है। दिल्ली सरकार के संस्कृति एवं कानून मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाना है। समिति में दिल्ली के पांच विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनमें अजय महावर (Ajay Mahawar), अनिल शर्मा (Anil Sharma), करनैल सिंह (Karnail Singh), संजय गोयल (Sanjay Goyal) और उमंग बजाज (Umang Bajaj) के नाम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि समिति कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। इसके तहत सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन माह के दौरान दिल्ली की सड़कों पर उमड़ने वाला शिवभक्तों का विशाल जनसमूह देश की विविधता में एकता की भावना को दर्शाता है। लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए लंबी यात्राएं करते हैं, जो भारतीय संस्कृति की जीवंतता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज में सहयोग, सेवा और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करती है। यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटते हैं, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रसारित होता है। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जाए।
कांवड़ शिविरों को दी जाएगी विशेष सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के लिए कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं अब केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सेवा, श्रद्धा और सम्मान की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दायित्व बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कांवड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था करना है, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और श्रद्धापूर्ण वातावरण मिल सके। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वाले प्रत्येक शिवभक्त कांवड़िए को सरकार अतिथि के रूप में देखती है और उन्हें देवतुल्य सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत यात्रा मार्गों पर आवश्यक सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं, पेयजल और विश्राम स्थलों की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
क्या होगा समिति का काम
नवगठित कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा के नेतृत्व में जल्द ही एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दिल्ली के सभी जिला अधिकारियों (डीएम), दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति का मुख्य फोकस कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना होगा। इसके तहत कांवड़ यात्रा मार्गों के प्रभावी प्रबंधन (रूट मैनेजमेंट), शिविरों में लगाए जाने वाले वॉटरप्रूफ टेंटों की गुणवत्ता, पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, 24 घंटे निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिवभक्तों की सेवा और कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन के लिए पिछले वर्षों की तुलना में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक व्यवस्थाएं की थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2024 में राजधानी में केवल 170 कांवड़ शिविरों को मंजूरी मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद रजिस्टर्ड कांवड़ शिविरों की संख्या बढ़कर 374 तक पहुंच गई। यह कांवड़ शिविरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि शिविरों के संचालन को सुचारु बनाने के लिए सरकार ने पुरानी टेंडर प्रणाली को समाप्त कर आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उपलब्ध कराई। इसके तहत प्रत्येक रजिस्टर्ड कांवड़ शिविर को 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। साथ ही कुल स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा आयोजन से पहले ही अग्रिम रूप से जारी कर दिया गया था, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
रेखा गुप्ता ने कहा कि कांवड़ समितियों पर वित्तीय दबाव कम करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त राहत भी प्रदान की थी। इसके तहत प्रत्येक पंजीकृत शिविर को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई, जबकि अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए सुरक्षा जमा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) में 75 % तक की छूट दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्थाएं करना नहीं, बल्कि शिवभक्तों को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ आगामी कांवड़ यात्रा के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
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