करनाल में मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार 34 वर्षीय जसपाल की न्यायिक हिरासत के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर पुलिस कस्टडी में मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मामले की जांच मजिस्ट्रेट की देखरेख में की जा रही है।
करनाल। जिले में मादक पदार्थ निरोधी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए गए 34 वर्षीय युवक की जेल में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने और फिर अस्पताल में मौत होने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान शिव कॉलोनी के रहने वाले जसपाल के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने करीब एक सप्ताह पूर्व उसे 25 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था, जिसके बाद अदालत के आदेश पर तीन दिन पहले उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
जेल में प्रवेश के कुछ ही समय बाद उसकी स्थिति चिंताजनक हो गई, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को शवागार में रखवा दिया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों ने सीआईए (CIA) स्टाफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पारिवारिक सदस्यों का आरोप है कि कस्टडी में रहने के दौरान सीआईए पुलिसकर्मियों ने जसपाल के साथ बेहद बर्बरतापूर्वक मारपीट की, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके अलावा परिजनों ने यह भी शिकायत की है कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने के संदर्भ में उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई, जिससे वे उसका उचित निजी इलाज नहीं करा सके।
स्वजनों ने बताया कि मां के निधन के बाद जसपाल नशे का शिकार हो गया था। जसपाल का विवाह लगभग एक वर्ष पूर्व हुआ था और महज दस दिन पहले ही उसके घर संतान का जन्म हुआ था। नवजात के आगमन की खुशियों के बीच इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस का बयान और जांच प्रक्रिया
मामले में रामनगर पुलिस थाने के जांच अधिकारी विनोद कुमार ने जानकारी दी कि मृतक नशे का आदी था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों के प्राथमिक बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सामने आने वाले तकनीकी व चिकित्सीय तथ्यों के आधार पर ही नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


