करनाल डीसी ने जिले के सभी गांवों में लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं होगी।

सुमन चौहान, करनाल। ग्रामीण शिक्षा और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को जिले के सभी गांवों में तेजी से लाइब्रेरी स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने साफ कहा कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। करनाल जिले की सभी 395 ग्राम पंचायतों में इस Karnal village library project को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गांवों के विकास और शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए संसाधनों और बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

264 गांवों में अभी बननी है लाइब्रेरी

डीडीपीओ कंचनलता ने बैठक में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिले की 131 ग्राम पंचायतों में पहले से ही लाइब्रेरी संचालित हैं, जबकि 264 गांवों में इनका निर्माण कार्य शेष है। इनमें से 109 स्थानों पर भवन उपलब्ध हैं, जिनके नवीनीकरण पर लगभग 6 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीसी ने निर्देश दिए कि इन भवनों का तुरंत नवीनीकरण शुरू कर वहां फर्नीचर और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। वहीं, जिन 100 गांवों में भवन नहीं हैं लेकिन जगह उपलब्ध है, वहां नए लाइब्रेरी भवन के निर्माण की लागत रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए। शेष 55 गांवों में भूमि चयन की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया गया है।

चौपाल और तालाब निर्माण पर जोर

डीसी ने डी-प्लान के तहत एससी/बीसी चौपालों की मरम्मत और निर्माण कार्य की सूची भी जल्द एडीसी कार्यालय भेजने को कहा। इसके साथ ही, जिले में निर्माणाधीन नए तालाबों के कार्य को 15 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा करने और उनकी जियो-टैग तस्वीरें जमा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में इंद्री में बन रहे स्विमिंग पूल को भी जून महीने के भीतर पूरा करने के लिए पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया गया है। इस समीक्षा बैठक में एडीसी डॉ. राहुल रईया सहित जिला परिषद और पंचायती राज विभाग के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समयसीमा के भीतर सभी विकास कार्यों को पूरा कर ग्रामीणों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।