कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की आत्महत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिहर तालुक के कोक्कनूर सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल जयप्पा (54) की मौत के बाद पुलिस ने पांच शिक्षकों और चार रसोई सहायकों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उन्हें लंबे समय से जातिगत टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जयप्पा की पत्नी अंजनम्मा ने मालेबेन्नूर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके पति को पिछले करीब 10 महीनों से लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। शिकायत में सह-शिक्षकों श्रीकांतचारी, वेंकटेश, रंजनी, चेतना, महंतेश गौली तथा रसोई सहायकों सुमा, चेन्नम्मा, रूपा और विजयम्मा के नाम शामिल हैं।
अंजनम्मा के अनुसार, अनुसूचित जाति से होने के कारण जयप्पा को बार-बार उनकी जाति को लेकर अपमानित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि उनके पति कई बार इस उत्पीड़न का जिक्र कर चुके थे और यही प्रताड़ना अंततः उनकी आत्महत्या की वजह बनी।
स्कूल में चल रहा था विवाद
जानकारी के मुताबिक, कोक्कनूर सरकारी स्कूल में काफी समय से शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बीच आंतरिक विवाद चल रहा था। मामले को सुलझाने के लिए एसडीएमसी सदस्यों और गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में एक मध्यस्थता बैठक भी आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान खाया जहर
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान जयप्पा स्कूल के शौचालय गए, जहां उन्होंने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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