महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक स्वयंभू गुरु और उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने अपने आश्रम में एक महिला का करीब 15 वर्षों तक यौन, मानसिक और शारीरिक शोषण किया। महिला की शिकायत पर वाघोली के उबालेनगर स्थित एक बंगले में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आश्रम से बरामद हुए लैपटॉप, हार्ड डिस्क और नकदी
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी राधामोहन मिश्रा (59), उसका सहयोगी कंवल नयन और छह महिला सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी के दौरान 19 हार्ड डिस्क, 12 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 23 पेन ड्राइव, डीवीडी-सीडी, करीब 15 लाख रुपये के गहने और 6.5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि बंगले में भागने के लिए एक गुप्त सुरंग बनाई गई थी। सभी आरोपियों को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
भक्ति और विश्वास का उठाया फायदा
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका परिवार पिछले 15 वर्षों से आरोपी का अनुयायी था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर मिश्रा ने खुद को ‘दिव्य अवतार’ बताकर महिला पर मानसिक नियंत्रण स्थापित किया और कथित तौर पर उसका लगातार शोषण करता रहा।
पेशाब पिलाने और बिजली के झटके देने का आरोप
महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे कई बार पेशाब पीने के लिए मजबूर किया और बिजली के झटके देकर प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसने महिला और उसके पति के बीच तलाक करवाने में भी भूमिका निभाई तथा संपत्ति अपने नाम करवाने का दबाव बनाया।
वीडियो से ब्लैकमेल, परिवार को भी भड़काया
एफआईआर के मुताबिक, आरोपी कथित निजी वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करता रहा। उसने परिवार के सदस्यों को भी महिला के खिलाफ प्रभावित किया, जिससे पीड़िता लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सकी। आखिरकार प्रताड़ना से तंग आकर महिला आश्रम से निकलकर पुलिस के पास पहुंची और मामला दर्ज कराया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है तथा डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा की भी पड़ताल की जा रही है।
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