अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। सावन के दूसरे सोमवार पर जहां देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के छोटे से गांव करौंदी में विश्व शांति के लिए एक अद्भूत और अलौकिक अनुष्ठान जारी है। भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु ब्रह्मस्थान करौंदी स्थित महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में पिछले 14 वर्षों से लगातार 1,331 वेदपाठी ब्राह्मण एक स्वर और एक लय में रुद्राष्टाध्याई के वेद मंत्रों का पाठ कर 12 ज्योतिर्लिंगों का अति रुद्राभिषेक कर रहे हैं।

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14 वर्षों से रोजाना 3 घंटे गूंजते हैं वेद मंत्र

महर्षि संस्थान के प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि महर्षि महेश योगी जी ने विश्व शांति का जो सपना देखा था उसे साकार करने के लिए संस्थान के डायरेक्टर डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा के मार्गदर्शन में यह महाअनुष्ठान वर्ष 2012 से अनवरत चल रहा है।

प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानि 3 घंटे लगातार 1331 ब्राह्मण शास्त्रीय विधि-विधान से पूजन-अर्चन और मंत्रोच्चार करते हैं। विश्व में अपनी तरह का यह एकमात्र और सबसे बड़ा अनुष्ठान माना जा रहा है।

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192 देशों के विदेशी भक्त पहुंच रहे करौंदी

महर्षि महेश योगी जी द्वारा जलाई गई वेद-शास्त्रों की अलख का असर यह है कि इस अनुष्ठान में शामिल होने और वेद मंत्रों का श्रवण करने के लिए दुनिया के 192 देशों से विदेशी नागरिक कटनी के करौंदी गांव पहुंचते हैं। भारतीय सनातन परंपरा और धर्मशास्त्रों के प्रति विदेशी भक्तों में भी अटूट आस्था देखने को मिलती है, जो यहां आकर भक्तिभाव से पूजन-पाठ में लीन होते हैं।

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