अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। सावन के पवित्र इस माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में पूरा देश लीन है। शिवभक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं। वैसे तो भगवान शिव के कई रहस्यमयी और चमत्कारिक धाम है लेकिन इस चमत्कारी कुंड की कहानी ऐसी है जो वैज्ञानिकों के लिए भी कौतूहल का विषय है।

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मौसम के विपरीत बदलता है पानी का तापमान

कटनी जिला मुख्यालय के ढीमरखेड़ा से महज 22 किलोमीटर दूर ग्राम देवरी मारवाड़ी में महानदी के तट पर एक प्राचीन सिद्ध शिव मंदिर स्थित है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसके पास मौजूद प्राकृतिक जल कुंड है।

कुदरत का अनूठा चमत्कार: इस प्राकृतिक कुंड से निकलने वाला पानी मौसम के ठीक विपरीत तासीर बदलता है। भीषण गर्मी के दिनों में इस कुंड से बर्फ जैसा ठंडा पानी निकलता है, वहीं कड़ाके की ठंड में कुंड का पानी गर्म हो जाता है।

भगवान भोलेनाथ की अटूट कृपा: स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रवासियों की इस स्थान के प्रति गहरी आस्था और अटूट विश्वास है। लोग इसे किसी वैज्ञानिक रहस्य से परे साक्षात भगवान भोलेनाथ का चमत्कार मानते हैं।

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सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़: सावन के महीने में और विशेष रूप से सावन सोमवार को सुबह से ही श्रद्धालु इस चमत्कारिक कुंड में स्नान कर महानदी के तट पर विराजे महादेव का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक करने दूर-दूर से पहुंचते हैं।

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