रणधीर परमार, छतरपुर। केन-बेतवा लिंक, मझगांव, रूंज, नैगुवा, एनटीपीसी में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा चिता आंदोलन विपरीत मौसम में भी जारी। चिता आंदोलन के दसवें दिन मिट्टी,जल, सांकेतिक फांसी सत्याग्रह भी जारी है। परियोजना प्रभावितों को न्याय और भ्रष्टाचारियों को कड़ी सजा की मांग को लेकर अमित भटनागर द्वारा किए जा रहे आमरण अनशन के सातवें दिन उनका ओर उनके साथ बैठे आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य भी गिरने लगा है।
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जबकि प्रशासन ने अपील की है आंदोलन खत्म करने का प्रशासन द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के किसी भी प्रभावित का आंदोलन स्थल पर नहीं होने का दावा करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। अमित भटनागर ने आंदोलन स्थल से 100 सैकड़ा से अधिक केन बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित महिलाओं के साथ वीडियो जारी करते हुए उन्होंने प्रशासन के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि आंदोलन स्थल पर 10 दिन से मौजूद है, और ये आगे भी जारी रहेगा।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि ग्राम सभा और आम सभा की अनदेखी कर मनमाने तरीके से मुआवजे का निर्धारण किया गया है। प्रभावितों को न तो मकानों का सही मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास पैकेज की पूरी राशि। अमित भटनागर के मुताबिक, प्रशासन के भ्रष्ट व तानाशाही पूर्ण रवैये के कारण करीब 50 हजार लोग अपने जल-जंगल-जमीन, आजीविका और संस्कृति से उजाड़ दिए गए हैं।
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