Pune Lohagad Fort Murder Case: पुणे के लोहगढ़ किले से गिरकर हुई 26 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत (Ketan Agrawal Murder Case) ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। केतन विशाल अग्रवाल की 400 फीट गहरी खाई में गिरकर हुई मौत सिर्फ हादसा नहीं था। इसे प्री-प्लानड के तहत अंजाम दिया है। इस हत्याकांड को अंजाम केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल (Siya Goyal) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (Chetan Choudhary) ने अंजाम दिया था। इस हत्याकांड को सुलझाने में डिजिटल सबूतों ने अहम योगदान दिया है। डिजिटल सबूतों ने केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की साजिश का भंडाफोड़ कर दिया और दोनों फिलहाल 29 जून तक पुलिस रिमांड पर हैं।

शुरुआत में यह माना जा रहा था कि केतन अग्रवाल की मौत लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान पैर फिसलने से 400 फिट गहरी खाई में गिरने से हुई है। हालांकि केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद सिया गोयल, जब उनके परिवार से मिलने पहुंची।

केतन की बहन ने जब सिया से उस दिन के घटनाक्रम को लेकर कुछ सवाल पूछे, तो उसके जवाबों में भारी विरोधाभास था। शक होने पर केतन की बहन ने इसकी जानकारी परिवार को दी। परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस शक के आधार पर सिया के खिलाफ जांच शुरू की। पुलिस ने सलिया के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और ट्रेस की जानकारी निकलवाई। इसके बाद इन डिजिटल सबूतों ने सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के खूनी खेल की पोल खोलकर रख दी।

लोहागढ़ पुलिस के मुताबिक पिछले छह महीनों के भीतर सिया और चेतन चौधरी के बीच 2004 बार कॉल हुई थी। इस दौरान दोनों ने 238 घंटे तक बात की थी। पुलिस को सबसे बड़ा सुराग 18 जून (घटना के दिन) के चेतन के मोबाइल डेटा से मिला। वारदात के दिन सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक चेतन का इंटरनेट पूरी तरह बंद था। जांच में पता चला कि चेतन ने जानबूझकर अपना मोबाइल अपनी दुकान में ही छोड़ दिया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। वह अपने दुकान के एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर चुपके से लोहागढ़ किला पहुंचा था। उसे लगा कि वह पुलिस को चकमा दे देगा, लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स ने उसकी इस खतरनाक योजना का पर्दाफाश कर दिया।

केतन के परिवार वालों ने ये खुलासा

मामले में केतन के परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही इस घटना पर संदेह था और अब सामने आ रही जानकारियों ने उनके शक को और मजबूत कर दिया है। परिवार वालों के मुताबिक 19 जून को सिया का जन्मदिन खास तरीके से मनाने की बात कहकर वह 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए ले गई थी। दोनों सुबह करीब 8:20 बजे वहां के लिए निकले थे। लगभग 10:45 बजे सिया की मां का फोन आया और बताया गया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि जब केतन का शव सामने था तब भी सिया के चेहरे पर न तो दुख दिखाई दे रहा था और न ही किसी तरह का शोक। उसका व्यवहार भी उन्हें असामान्य लगा, जिससे उनका संदेह और बढ़ गया।

पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m