वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के रहुई स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर भारी सुर्ख़ियों में बना हुआ है। इस वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं स्कूल परिसर के बाहर नाली की सफाई करती हुई दिखाई दे रही हैं, जिसके बाद से शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले की जब तह तक पड़ताल की गई, तो वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई, जिसमें इसे एक सोची-समझकर रची गई साजिश बताया जा रहा है।
जलजमाव से परेशान थीं छात्राएं
विद्यालय की छात्राओं और वार्डन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो महज एकतरफा और अधूरी सच्चाई को बयां करता है। छात्राओं का कहना है कि छात्रावास के मुख्य द्वार पर काफी लंबे समय से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। इस समस्या के समाधान के लिए विद्यालय की वार्डन संगीता कुमारी ने पिछले महीने 20 जून 2026 को ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर जल निकासी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई थी। बावजूद इसके, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


बारिश बनी मुसीबत, खुद सफाई करने उतरी थीं वार्डन
छात्राओं ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण छात्रावास के गेट पर भारी मात्रा में गंदा पानी जमा हो गया था। इस जलजमाव के कारण छात्राओं का आवागमन पूरी तरह दूभर हो गया था और फिसलन बढ़ने के कारण कई छात्राएं गिरकर चोटिल भी हो चुकी थीं। जब प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं पहुंची, तब बच्चों की परेशानी को देखते हुए वार्डन संगीता कुमारी खुद ही हाथ में कुदाल लेकर नाली की सफाई करने के लिए आगे आ गईं। वार्डन को ऐसा करते देख छात्राओं से देखा नहीं गया और उन्होंने स्वतः स्फूर्त भाव से वार्डन के हाथ से कुदाल लेकर खुद ही उस जगह की सफाई शुरू कर दी।
साजिश के तहत बनाया गया वीडियो, वार्डन ने की निष्पक्ष जांच की मांग
विद्यालय की वार्डन संगीता कुमारी ने सामने आए इस वीडियो को पूरी तरह से एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व या विरोधी उन्हें और विद्यालय की छवि को धूमिल करने की नीयत से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि पूरे प्रकरण की गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। जांच टीम को छात्रावास में आकर सीधे छात्राओं से पूछताछ करनी चाहिए। यदि इस मामले में वे या विद्यालय प्रबंधन दोषी पाया जाता है, तो उनके ऊपर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए; लेकिन यदि यह आरोप निराधार साबित होते हैं, तो इस प्रकार का भ्रामक और झूठा वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्राओं की चेतावनी: न्याय न मिलने पर छोड़ देंगी छात्रावास
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद छात्राओं में भी भारी रोष देखने को मिल रहा है। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में वार्डन संगीता कुमारी के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय किया गया या उन्हें बिना वजह प्रताड़ित किया गया, तो वे सामूहिक रूप से छात्रावास को छोड़ने का बड़ा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद से इलाके में प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और हर कोई निष्पक्ष जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।


