​पटना। शहर के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। खान ग्लोबल स्टडीज के शिक्षक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत याचिका और जेल में बंद उनके दोनों बॉडीगार्ड्स प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की रेगुलर बेल पर आज अदालत में सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में ADJ कोर्ट ने खान सर और उनके सहयोगियों को 7 जुलाई तक के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।

​अवैध हथियारों का मामला और पुलिस की जांच

​पुलिस की जांच में इस मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। फॉरेंसिक और हथियार वेरिफिकेशन रिपोर्ट के अनुसार फायरिंग में जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ वह तालेबर सिंह (निवासी, कासगंज, यूपी) का था। जांच में पाया गया कि तालेबर के हथियार का लाइसेंस ऑल इंडिया परमिट श्रेणी में नहीं आता है। नियम के अनुसार उत्तर प्रदेश से बिहार में हथियार लेकर आना और सुरक्षा ड्यूटी में उसका उपयोग करना बिना विधिवत अनुमति के अवैध है। तालेबर ने न तो स्थानीय प्रशासन को सूचित किया और न ही संबंधित थाने में इसकी कोई जानकारी दी।

​खान सर पर प्रशासनिक लापरवाही के आरोप

​पुलिस सूत्रों के मुताबिक खान सर ने बॉडीगार्ड को नियुक्त करते समय पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया। एक प्रभावशाली और सार्वजनिक व्यक्तित्व होने के नाते यह अपेक्षा की जाती है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कानूनी दायरे में हो। हथियारों के साथ सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की घटना ने खान सर की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसे पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में प्रमुखता से दर्ज किया है।

​दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार की मुश्किलें

​मामले में दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार का हथियार भी संदेह के घेरे में है। हालांकि प्रदीप के पास ऑल इंडिया परमिट वाला लाइसेंस था लेकिन वह उसके पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा के लिए जारी किया गया था। जांच में सामने आया कि इस लाइसेंस का इस्तेमाल एक निजी सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा था जो आर्म्स एक्ट के मानकों का सीधा उल्लंघन है। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में इन सभी तकनीकी पहलुओं को विस्तार से रखा है जिससे बेल की सुनवाई के दौरान कानूनी पेच फंस सकते हैं।
​आज की सुनवाई पर न केवल समर्थकों की बल्कि कानूनी विशेषज्ञों की भी नजर है कि कोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए क्या रुख अपनाता है।