कुंदन कुमार/पटना। शहर के सिविल कोर्ट में कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका और उनके दो अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) और लोक अभियोजक को हथियारों से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​कोचिंग विवाद के दौरान कथित तौर पर दहशत फैलाने और फायरिंग करने का मामला सामने आया था। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने आरोप लगाया कि अंगरक्षकों ने अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया और जानबूझकर लोगों में भय पैदा करने के लिए फायरिंग की। इसके विपरीत, बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने स्पष्ट किया कि सभी हथियार लाइसेंसी हैं और उनके दस्तावेज पहले ही पुलिस द्वारा जब्त किए जा चुके हैं।
​न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद IO को अगली सुनवाई में सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। तब तक खान सर को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है।

​बॉडीगार्ड्स के हथियारों पर उठे गंभीर सवाल

​पुलिस जांच में खान सर के अंगरक्षकों, विशेषकर तालेबर सिंह, को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला कि तालेबर सिंह (निवासी: कासगंज, उत्तर प्रदेश) के नाम पर जारी हथियार का लाइसेंस ऑल इंडिया वैलिड नहीं था। आरोप है कि बिना उचित परमिट के उत्तर प्रदेश से बिहार में हथियार लाना और यहां सुरक्षा गार्ड के रूप में ड्यूटी करना कानून का उल्लंघन है।
​इसके अतिरिक्त पुलिस रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन हथियारों के बारे में स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को कोई सूचना नहीं दी गई थी जो आर्म्स एक्ट के तहत एक गंभीर अपराध है।

​खान सर की भूमिका पर भी सवाल

​इस मामले में खान सर की ओर से भी चूक की बात सामने आई है। नियमों के अनुसार किसी भी सुरक्षाकर्मी को नियुक्त करने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। पुलिस के अनुसार खान सर ने अपने अंगरक्षकों का कोई वेरिफिकेशन नहीं कराया और बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए उन्हें अपने साथ अवैध हथियारों के साथ रखा।
​पिछले सुनवाई के दौरान खान सर के पक्ष ने समय सीमा बढ़ाए जाने का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने केस डायरी के अध्ययन के लिए अभियोजन पक्ष को 3 दिन का समय दिया था। अब सभी की निगाहें 3 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं।