भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने पानीपत के किसान भवन पर गुप्त रजिस्ट्रेशन और अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। इसके विरोध में 12 जुलाई को किसान भवन में एक विशाल किसान महापंचायत बुलाई गई है।
प्रवीण भारद्धाज,पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने बताया कि पानीपत जिले के किसानों की साझा धरोहर और आस्था का केंद्र माने जाने वाले किसान भवन पर कथित गुप्त रजिस्ट्रेशन और अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसके खिलाफ पहले 15 जुलाई को होने वाली बैठक को बदलकर अब 12 जुलाई, रविवार को सुबह 10:00 बजे किसान भवन, पानीपत में एक विशाल Kisan Mahapanchayat Panipat का आयोजन करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। सुधीर जाखड़ ने स्पष्ट किया कि यह भवन किसी व्यक्ति, परिवार या राजनीतिक दल की निजी जागीर नहीं है और किसान समाज इसकी स्वायत्तता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
गुप्त रजिस्ट्रेशन पर उठे गंभीर सवाल
भाकियू जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने आरोप लगाया कि आम सभा की अनुमति और किसानों को विश्वास में लिए बिना वर्षों पुरानी परंपराओं को तोड़कर किसान भवन का गुप्त रूप से रजिस्ट्रेशन कराया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग प्रॉपर्टी टैक्स माफी का हवाला दे रहे हैं, वे बताएं कि किस कानून के तहत रजिस्ट्रेशन से टैक्स माफ होता है। पिछले 36 वर्षों में रहे 17 प्रधानों ने ऐसा क्यों नहीं किया और इस अराजनैतिक संस्था में राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप क्यों बढ़ रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि इनेलो नेता निशान मलिक और रामकुमार खोतपुरा किस हैसियत से इस ट्रस्ट के मालिक बन बैठे हैं।

महापंचायत में होगा आर-पार का फैसला
सुधीर जाखड़ ने कहा कि किसान समाज इन सभी सवालों के स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब चाहता है और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से कड़ा फैसला लिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन ने जिले के सभी किसान संगठनों, खाप पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और आम किसानों से अपील की है कि वे 12 जुलाई को होने वाली इस विशाल किसान महापंचायत में हजारों की संख्या में पहुंचें। महापंचायत में किसान भवन के भविष्य, उसकी स्वायत्तता की रक्षा और कथित कब्जे के प्रयास को लेकर अंतिम रणनीति तय कर आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा।

