हरियाणा सरकार ने गांवों में स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए मुफ्त किसान रजिस्ट्री और डिजिटल पंजीकरण की शुरुआत की है, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेशभर के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किसानों का डिजिटल पंजीकरण और ई-केवाईसी किया जाएगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल से सरकारी सेवाएं सीधे गांव स्तर तक पहुंचेंगी और किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
केंद्र सरकार की ‘एग्रीस्टैक’ पहल और ‘पीएम-किसान’ योजना के तहत तैयार होने वाला यह डेटाबेस किसानों तक योजनाओं, सब्सिडी और अन्य सुविधाओं का लाभ सीधे पहुंचाने में मदद करेगा। सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, असम और ओडिशा समेत कई राज्यों में 2.8 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण पहले ही किया जा चुका है। अब उसी मॉडल पर हरियाणा में भी प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीएम-किसान ई-केवाईसी के लिए प्रति किसान 15 रुपये का सेवा शुल्क पूरी तरह सरकार वहन करेगी। किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। CSC केंद्रों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे किसानों से कोई राशि न वसूलें।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, किसान रजिस्ट्री अपडेट करना आसान होगा और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक तेजी से पहुंचेगा।

