Lifestyle Desk – Knee Pain in Weather Change : मौसम में बदलाव का असर केवल सर्दी-जुकाम, खांसी या एलर्जी तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव जोड़ों और घुटनों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है. अक्सर देखा जाता है कि बारिश, ठंड या मौसम में अचानक बदलाव के दौरान कई लोगों को घुटनों में दर्द, अकड़न और सूजन की शिकायत होने लगती है. खासकर बुजुर्गों, गठिया (आर्थराइटिस) से पीड़ित मरीजों और पहले से जोड़ों की समस्या झेल रहे लोगों में यह परेशानी अधिक देखने को मिलती है. हालांकि, मौसम बदलने से होने वाला दर्द हर व्यक्ति में अलग-अलग कारणों से हो सकता है.

तापमान और वायुमंडलीय दबाव (बारोमेट्रिक प्रेशर) में बदलाव का असर जोड़ों पर पड़ सकता है. जब मौसम ठंडा होता है या दबाव में परिवर्तन आता है, तो जोड़ों के आसपास मौजूद ऊतकों में हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है. इससे दर्द और जकड़न बढ़ने का अनुभव हो सकता है. इसके अलावा ठंड के मौसम में मांसपेशियां भी सख्त होने लगती हैं, जिससे घुटनों को मोड़ने या चलने-फिरने में असहजता महसूस हो सकती है. आइये जानते हैं इस से राहत पाने के उपाय.

क्यों बढ़ता है घुटनों का दर्द?

मौसम बदलने पर लोग अक्सर शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं. लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से जोड़ों की लचक कम हो जाती है और दर्द बढ़ सकता है. वहीं, जिन लोगों को ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या पुरानी घुटने की चोट की समस्या है, उनमें मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है. हालांकि, मौसम और जोड़ों के दर्द के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिक शोध जारी हैं और इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता.

राहत पाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

नियमित हल्की एक्सरसाइज करें

घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या टहलना फायदेमंद हो सकता है. नियमित गतिविधि से जोड़ों की जकड़न कम होती है और मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं. हालांकि, तेज दर्द होने पर व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा.

शरीर को गर्म रखें

ठंड या बारिश के मौसम में घुटनों को गर्म रखने की कोशिश करें. जरूरत पड़ने पर गर्म कपड़े पहनें या हल्की गर्म सिकाई करें. इससे मांसपेशियों को आराम मिल सकता है और अकड़न कम महसूस हो सकती है.

वजन को रखें नियंत्रित

अधिक वजन का सीधा असर घुटनों पर पड़ता है. शरीर का वजन जितना अधिक होगा, घुटनों पर उतना ही ज्यादा दबाव पड़ेगा. संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखना घुटनों के लिए फायदेमंद हो सकता है.

पौष्टिक भोजन लें

कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी से भी असहजता बढ़ सकती है.

दर्द को नजरअंदाज न करें

यदि घुटनों का दर्द लगातार बना रहे, सूजन बढ़ जाए, चलने-फिरने में दिक्कत हो या दर्द के साथ बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य मौसम का असर मानकर नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द हड्डी रोग विशेषज्ञ या संबंधित चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है.