कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित मैसी माजरा गांव में लंबे समय से जारी बिजली कटौती से गुस्साए ग्रामीणों ने देर रात 33 केवी सब स्टेशन का घेराव किया। मौके पर पहुंचे एसडीओ और जेई को जमीन पर बैठाकर ग्रामीणों ने रोष जताया, जिसके बाद स्टाफ की स्थायी तैनाती के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

कुरुक्षेत्र। जिले के पिहोवा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को लेकर जनता का धैर्य जवाब दे गया। पिहोवा के मैसी माजरा गांव के निवासी लंबे समय से बिजली की अव्यवस्था से जूझ रहे थे, जिसके विरोध में बुधवार की रात उनका आक्रोश भड़क उठा। रात के करीब एक बज रहे थे जब परेशान ग्रामीणों का जत्था एकजुट होकर सीधे 33 केवी सब स्टेशन पर आ धमका और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वहां मौजूद लोगों ने बिजली बोर्ड परिसर का घेराव करते हुए प्रशासनिक अमले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जमीन पर बैठाकर जताया रोष

हंगामे की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डायल-112 पुलिस की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। आंदोलित ग्रामीणों ने बिजली निगम के एसडीओ (SDO) और जेई (JE) को तत्काल घटना स्थल पर तलब किया। अधिकारियों के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए उन्हें जमीन पर बैठा लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप था कि गांव में रोजाना कई-कई घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है, जिसने आम जीवन को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है।

स्थायी स्टाफ न होने से समस्या

धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रही इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कभी भी इसका पक्का समाधान नहीं निकाला गया। ग्रामीणों ने बुनियादी खामियों को उजागर करते हुए बताया कि सब स्टेशन पर न तो कोई स्थायी फोरमैन नियुक्त है और न ही कोई लाइनमैन तैनात रहता है। इसके चलते यदि कोई छोटी सी तकनीकी खराबी भी आती है, तो उसे ठीक करने में घंटों लग जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग रखी कि उनके क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बेवजह के कट बंद किए जाएं।

पंचकूला से तय होता है शेड्यूल

मध्यरात्रि के बाद तक चले इस सियासी ड्रामे और घेराव के बीच बिजली विभाग के आला अधिकारियों को आखिरकार झुकना पड़ा। अफसरों ने ग्रामीणों को लिखित व मौखिक आश्वासन दिया कि मैसी माजरा गांव के लिए फोरमैन और लाइनमैन की नियमित व स्थायी तौर पर नियुक्ति की जा रही है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन बंद किया।

इस पूरे घटनाक्रम पर बिजली विभाग के एसडीओ सुभाष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ग्रामीणों की मुख्य नाराजगी बिजली कटों को लेकर थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय दफ्तर अपनी मर्जी से कोई कटौती नहीं करता है। बिजली कटौती का पूरा समय और शेड्यूल मुख्य रूप से पंचकूला मुख्यालय से निर्धारित होता है, जिसे बाद में कुरुक्षेत्र कार्यालय के जरिए धरातल पर लागू किया जाता है। उन्होंने भरोसा दिया कि अब क्षेत्र में कर्मचारियों की मुस्तैद व्यवस्था कर दी गई है और आगे से ऐसे कट नहीं लगेंगे।