चंडीगढ़। हरियाणा में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 15 जुलाई 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट जारी कर दी गई है। अब तक राज्य में 33.66 लाख से अधिक ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जो या तो अपने पते पर नहीं मिले, दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, उनका निधन हो चुका है या फिर उनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं। ऐसे मामलों की जांच के बाद संबंधित नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

सबसे अधिक अनकलेक्टेबल मतदाता फरीदाबाद जिले में दर्ज किए गए हैं। यहां 5,09,323 मतदाता ऐसे मिले हैं, जो कुल मतदाताओं का 26.95 प्रतिशत हैं। संख्या और प्रतिशत, दोनों के आधार पर यह पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में भी ऐसे मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा सामने आई है। फरीदाबाद के बाद गुरुग्राम दूसरे स्थान पर है, जहां 4,01,726 मतदाता (25.83 प्रतिशत) अनकलेक्टेबल पाए गए हैं। वहीं पंचकूला में 1,04,872 मतदाता, यानी 24.44 प्रतिशत, इस श्रेणी में शामिल हैं।

दूसरी ओर, ग्रामीण जिलों में यह आंकड़ा अपेक्षाकृत कम है। फतेहाबाद में केवल 7.30 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 8.82 प्रतिशत और चरखी दादरी में 9.64 प्रतिशत मतदाता अनकलेक्टेबल पाए गए हैं।

प्रदेशभर में अब तक 33,66,901 मतदाता, जो कुल मतदाताओं का 16.30 प्रतिशत हैं, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, 15 जुलाई तक 2,06,20,019 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 99.83 प्रतिशत है। इनमें से 1,70,47,394 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है, जो 82.53 प्रतिशत के बराबर है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे राज्य में 20,629 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से 37,055 बीएलए-II भी नियुक्त किए गए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समय-सीमा बढ़ा दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि अब बीएलओ 24 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र एकत्र करेंगे।

इसके बाद 31 जुलाई 2026 को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की जाएगी। 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जिनका निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा। संशोधित अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।