फतेहपुर. जिले में 2014 में हुए चर्चित हत्याकांड में अदालत ने 12 साल बाद अहम फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) कोर्ट ने युवक की जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
इसे भी पढ़ें- विदेशियों के चक्कर में मत पड़िए मित्र… ओपी राजभर की अखिलेश यादव को नसीहत, जानिए आखिर ऐसा क्यों कहा?
बता दें कि 5 अक्टूबर 2014 को चांदपुर थाना क्षेत्र के भगलापुर गांव निवासी अरुण अपनी पत्नी नीलम के साथ अपने साले सर्वेश के बेटे के मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गया था. कार्यक्रम के दौरान नीलम को मायके ले जाने को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि राजू डांसर और नीलम की मां जयरानी उसे अपने साथ ले जाना चाहते थे, लेकिन सर्वेश उसे वापस घर ले आया. बाद में दोनों पक्ष चांदपुर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने समझौता कराते हुए नीलम को मायके जाने और करवा चौथ पर ससुराल लौटने की बात कही.
इसी विवाद के बाद राजू डांसर और नीलम ने अरुण की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि राजू डांसर कपड़े लेने का बहाना बनाकर अरुण को उसके घर ले गया. कुछ देर बाद अरुण के पिता जब घर पहुंचे तो उन्होंने बेटे को बंधा हुआ और आग की लपटों में घिरा देखा. गंभीर रूप से झुलसे अरुण ने इलाज के लिए ले जाते समय कथित रूप से आरोपियों के नाम बताए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई.
इसे भी पढ़ें- परिवार के सामने बाप के शरीर में दाग दीं 6 गोलियां, 150 करोड़ की संपत्ति के लिए हैवान बना बेटा
इस मामले में थाना चांदपुर में भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए. ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद 15 जुलाई 2026 को एएसजे-एफटीसी कोर्ट ने राजू डांसर और नीलम को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई.

