Business Desk – Laser Power IPO Listing : पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) उपकरण बनाने वाली लेजर पावर एंड इंफ्रा (Laser Power & Infra) के शेयरों की गुरुवार (16 जुलाई) को शेयर बाजार में शानदार एंट्री हुई. कंपनी के शेयर 214 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 26% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. हालांकि शुरुआती उछाल के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद IPO निवेशक अच्छे मुनाफे में बने हुए हैं.

BSE और NSE पर शानदार लिस्टिंग

कंपनी का शेयर BSE पर 269 रुपए और NSE पर 250 रुपए पर लिस्ट हुआ. BSE पर लिस्टिंग के आधार पर निवेशकों को करीब 26% का लिस्टिंग गेन मिला. हालांकि कुछ देर बाद शेयर में गिरावट आई और BSE पर यह 260 रुपए तक आ गया. इसके बावजूद IPO निवेशकों को करीब 21.5% का फायदा मिल रहा है.

IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

कंपनी का ₹742 करोड़ का IPO 9 से 13 जुलाई तक खुला था. निवेशकों ने इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया और यह कुल 41.05 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 97.25 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 45.69 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 6.95 गुना सब्सक्राइब हुआ.

IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?

IPO के तहत कंपनी ने ₹542 करोड़ के नए शेयर जारी किए हैं. इसके अलावा 93,45,793 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए. OFS से मिलने वाली राशि मौजूदा शेयरधारकों को मिली है. वहीं नए शेयरों से जुटाए गए फंड में से 499 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने में किया जाएगा, जबकि बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.

क्या करती है Laser Power & Infra?

पश्चिम बंगाल में स्थित अपनी तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के जरिए कंपनी पावर केबल, कंडक्टर और ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) उपकरण बनाती है. इन यूनिट्स की कुल उत्पादन क्षमता 85,448 टन है. कंपनी EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) बिजनेस के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर और सबस्टेशन परियोजनाओं पर भी काम करती है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कुल राजस्व का 73% हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग और 27% EPC बिजनेस से आया था.

कैसा रहा कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ हो गया. हालांकि इस दौरान राजस्व 9.5% घटकर ₹2,326.1 करोड़ रह गया. इसके बावजूद मजबूत परिचालन प्रदर्शन के दम पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20.4% बढ़कर 301.4 करोड़ रुपए पहुंच गया.

ऑपरेटिंग मार्जिन 321 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 12.95% हो गया. वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी के पास 3,243.4 करोड़ रुपए का ऑर्डर बुक था, जिसमें 1,668.9 करोड़ रुपए मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से जुड़े ऑर्डर थे. 17 जून 2026 तक कंपनी पर 935.7 करोड़ रुपए का कर्ज था.