चंकी बाजपेयी, इंदौर। मालवा की तपोभूमि और अपनी अनूठी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध इंदौर में इन दिनों पारा सातवें आसमान पर है। जिसके चलते इंदौर के भक्तों ने अपने आराध्य भगवान श्री गणेश को इस तपिश से बचाने के लिए वात्सल्य और आस्था की एक सुंदर मिसाल पेश की है।
मौसमी फलों और लस्सी का लगा भोग
भगवान गणेश को गर्मी से राहत दिलाने के लिए उनके खान-पान में विशेष बदलाव किया गया है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओँ द्वारा गजानन को ताजे मौसमी फलों, दही की ठंडी लस्सी और गन्ने का रस अर्पित किया गया है। भक्तों का कहना है कि जिस प्रकार हम स्वयं को ठंडा रखने के लिए इन पदार्थों का सेवन करते हैं उसी भाव से अपने आराध्य को भी शीतल वस्तुओं का अर्पण किया जाना चाहिए।
रसगुल्लों की मिठास और मिट्टी की सोंधी खुशबू
मिष्ठान में भगवान को विशेष रूप से सफेद रसगुल्लों का भोग लगाया गया और मिट्टी के पात्र में शीतल जल रखा गया। मिट्टी के पात्र का जल न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है बल्कि यह सादगी और सरलता का भी प्रतीक है।

