भोपाल। मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मध्य प्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाएं राजधानी भोपाल और पहले भारत के प्रमुख महानगरों कोलकाता और पटना से विंध्य और महाकौशल क्षेत्रों को सीधा हवाई संपर्क प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा जाने वाली एलायंस एयर की पहली उड़ान के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी उसी उड़ान से रीवा के लिए रवाना हुए।
राजा भोज हवाई अड्डे पर चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए इसे “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को आज नई उड़ान मिल रही है। भोपाल के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए हवाई अड्डों का निर्माण शुरू हो चुका है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने राज्य में पांच नए हवाई अड्डों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। पहला हवाई अड्डा सिंगरौली में बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दस से अधिक मार्गों पर हवाई सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि हवाई संपर्क का लाभ क्षेत्र के सभी हिस्सों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश में पहली बार मध्य प्रदेश में यह एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह हेलीकॉप्टर सेवा प्रतिदिन चल रही है और इसमें 95 प्रतिशत तक यात्रियों के बैठने की दर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं न के बराबर थीं, लेकिन आज एक साथ शुरू हुई चार नई उड़ानें बदलते मध्य प्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर पेश करती हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में मिलेगा। भोपाल-रीवा उड़ानें सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता उड़ानें सप्ताह में तीन दिन संचालित होंगी। वर्तमान में, इन शहरों के बीच सड़क या रेल मार्ग से यात्रा करने में कई घंटे लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी केवल दो से ढाई घंटे में तय की जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का हृदय होने के नाते विभिन्न राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के शुरू होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों का समय और पैसा दोनों बचेगा। साथ ही, रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा संपर्क स्थानीय उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच मात्र दस महीनों में इस क्षेत्र में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें इंदौर-अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 8 हवाई अड्डे, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल परिवहन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बुनियादी ढांचा ही है जो निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देता है। राज्य सरकार मध्य प्रदेश की ‘नागरिक उड्डयन नीति 2025’ के तहत हवाई सेवाओं का समर्थन कर रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर हवाई अड्डों को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। साथ ही, विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार पाठ्यक्रम शुल्क का 60 प्रतिशत वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज से शुरू होने वाली सीधी हवाई सेवाएं “विकासशील मध्य प्रदेश” के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी।
केंद्र सरकार 2036 तक हवाई सेवाओं के विकास और विस्तार पर 29 हजार करोड़ खर्च करेगी
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। साल 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ संकल्प के तहत छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। बीते वर्षों में देश में लगभग 90 नए हवाई अड्डों का विकास हुआ है और विमानों के बेड़े तथा हवाई यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे और हवाई संपर्क न केवल परिवहन का साधन हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार भी हैं। हवाई अड्डे के आसपास अचल संपत्ति, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर पैदा करती हैं।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। सतना, दतिया और रीवा में नए हवाई अड्डों का विकास हुआ है, साथ ही भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं का विस्तार हुआ है । मध्य प्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति कनेक्टिविटी बढ़ाने में प्रभावी है और इसे देश के राज्यों की विमानन नीतियों में सर्वश्रेष्ठ नीतियों में से एक माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, इंदौर से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्गों की शुरुआत हो रही है। क्षेत्र की लगभग दस हवाई पट्टियों को हवाई अड्डों में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
दस सालों के लिए बढ़ा ‘उड़ान’ योजना
नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस सालों के लिए बढ़ा दिया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार में तेजी आएगी। मध्य प्रदेश की विमानन नीति, ‘उड़ान’ योजना और राज्य की जनता के सहयोग से मध्य प्रदेश को नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनता जा रहा है। नए हवाई अड्डों और विमानन गतिविधियों में वृद्धि से रोजगार के अवसर और भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का लक्ष्य हर 150 किलोमीटर पर एक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपोर्ट विकसित करना है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्य प्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज से शुरू हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में यह क्षेत्र हवाई सेवाओं के माध्यम से और अधिक शहरों और गंतव्यों से जुड़ जाएगा।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क के विस्तार के लिए दूरदर्शी राज्य विमानन नीति-2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से क्षेत्र के छोटे कस्बों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं के विस्तार से नए विकास की संभावनाओं को गति मिलेगी। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर के लिए सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख शक्ति केंद्रों में से एक है। इस क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं और धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्री राम के वनवास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पवित्र स्थान है। हवाई कनेक्टिविटी में वृद्धि से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच ने राज्य विमानन नीति के निर्माण को प्रेरित किया, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये और अधिकतम 3,500 रुपये (डायनामिक किराया) तय किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के लिए अधिकतम किराया लगभग 5,300 रुपये रखा गया है। इससे हमारे नागरिकों के लिए हवाई यात्रा आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना की कनेक्टिविटी कोलकाता तक, भोपाल से रीवा और अन्य शहरों तक विस्तारित हो रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर प्रगति करेगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि 2016 से केंद्र सरकार ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘संशोधित उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया। अगले दस वर्षों में, यह योजना छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने में नई गति प्रदान करेगी।
केंद्रीय सचिव सिन्हा ने कहा कि भारतीय विमानन प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय मध्य प्रदेश में उपलब्ध हवाई पट्टियों की पहचान करके हवाई अड्डों के विकास और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय में काम करेंगे। मध्य प्रदेश में हवाई पट्टियों और टर्मिनलों की उपलब्धता के बावजूद, जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘संशोधित उड़ान’ योजना के माध्यम से संपर्क से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि एलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इंडिगो, एलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइनों द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91 और स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइनों ने भी अपना विस्तार किया है। मध्य प्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, एलायंस एयर और अन्य एयरलाइनों के सहयोग से इस क्षेत्र के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उड्डयन विभाग संजय कुमार शुक्ला ने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में इस क्षेत्र के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। इस क्षेत्र की विमानन नीति के तहत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा भी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि आज से इस क्रम में चार नई हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
चार नए हवाई मार्गों के जुड़ने से इस क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी
आज शुरू होने वाली चार नई हवाई सेवाओं को मध्य प्रदेश नागरिक उड्डयन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए 10 लाख रुपये तक की व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) सहायता प्रदान की जाएगी। ये सभी चार सेवाएं एलायंस एयर द्वारा संचालित की जाएंगी। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन, मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार और रविवार को और रीवा-कोलकाता तथा जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा मध्य प्रदेश की राजधानी को बिहार की राजधानी पटना से जोड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा राज्य की राजधानी, विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित करेगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता के लिए सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इन चार नई हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ होगा।
सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय कम होगा
सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों का यात्रा समय कम हो जाएगा। भोपाल-रीवा की रेल यात्रा में लगभग 10 घंटे लगते हैं, जबकि हवाई यात्रा में लगभग 1.5 घंटे। भोपाल-पटना और रीवा-कोलकाता की यात्रा रेल से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा से लगभग 2 घंटे में पूरी हो जाएगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल से लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी हो जाएगी। इस प्रकार, भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना और रीवा-कोलकाता मार्गों पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की बचत होगी।
यात्रियों को किफायती किरायों का लाभ मिलेगा
सीधी हवाई कनेक्टिविटी न होने के कारण इन मार्गों पर हवाई किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये था और यात्रियों को दिल्ली जाकर अपनी फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नई सीधी सेवाओं से किराया घटकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये हो जाएगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना का 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता का 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता का 4,500 रुपये होगा। चार नए मार्गों के शुरू होने से इस क्षेत्र की विमानन नीति में एयरलाइंस का विश्वास भी बढ़ा है।
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