रायपुर। रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग सोमवार को “एक दिवसीय जिला सम्मेलन” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू तथा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

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रायपुर संभाग के सभी जिलों से आए 250 से अधिक छत्तीसगढ़ी एवं अन्य स्थानीय बोलियों के वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अरुण निगम, मीर अली मीर, शशि दुबे, महेंद्र ठाकुर, किशोर तिवारी, संध्या रानी शुक्ला, सुमन शर्मा “बाजपेयी”, सीमा निगम, पी.सी. लाल यादव, विजय मिश्रा “अमित”, रायपुर संभाग के सभी जिलों के जिला समन्वयक तथा मीडिया जगत के साथी शामिल रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग डॉ. अभिलाषा बेहार द्वारा तथा अध्यक्षीय भाषण आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा द्वारा दिया गया।

छत्तीसगढ़ी भाषा की सेवा करने वाले साहित्यकार विजय मिश्रा “अमित”, सुमन शर्मा बाजपेयी एवं चन्द्रहास साहू का सम्मान किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 08 छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों की किताबों का भी विमोचन हुआ।

सम्मेलन में डॉ. पी.सी. लाल यादव की किताब कुंवर अछरिया अउ राजा बेलसरिया, डॉ. दीनदयाल साहू की किताब पीरा, राजकुमार निषाद “राज” की किताब धरोहर जस जवारा, जस पचरा गीत, पुनीत गुरुवंश की किताब जिनगी एक रहस्यमय हे, कमलेश शर्मा की किताब बूंदा बिहतरी, मुकेश कुमार की किताब भरम आदि के दुनिया, कामता प्रसाद देशलहरा “अकेला” की किताब भुईयां के सिंगार तथा शत्रुघन सिंह राजपूत की किताब आखर वंदन का विमोचन हुआ।

इस आयोजन में “पुरखा के सुरता” स्व. सुशील भोले के “व्यक्तित्व अउ कृतित्व” विषय पर चर्चा हुई, जिसके प्रमुख वक्ता डॉ. पी.सी. लाल यादव थे। उन्होंने रोचकता के साथ अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन विजय मिश्रा “अमित” ने किया।

सम्मेलन के अंतिम सत्र में साहित्यकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा एवं अन्य स्थानीय बोली में काव्य पाठ किया गया। छत्तीसगढ़ राजाभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित तथा आमंत्रित साहित्कारों के किताबों की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।

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