गुरुग्राम साइबर पुलिस ने दिल्ली के मंगोलपुरी में चल रहे एक अवैध रिकवरी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जो अश्लील मैसेज भेजकर डराते थे।

सुशीला देवी गुरुग्राम। लोन रिकवरी के नाम पर लोगों और उनके परिवारों को लगातार फोन, व्हाट्सएप कॉल, गालियां और धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले एक फर्जी रिकवरी कॉल सेंटर का गुरुग्राम साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली के मंगोलपुर स्थित कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस खतरनाक Loan Recovery Extortion Gang के सदस्य मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर पैसे ऐंठने के लिए उनके पूरे परिवार का जीना हराम कर देते थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस टीम अब इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य संचालकों की तलाश में जुटी हुई है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

पीड़ित को किया मानसिक रूप से प्रताड़ित

पुलिस के अनुसार, 22 मई 2026 को एक पीड़ित ने शिकायत दी थी कि कुछ लोग किसी अन्य व्यक्ति के लोन की रिकवरी के नाम पर उसे और उसके परिवार को लगातार फोन व व्हाट्सएप मैसेज कर रहे थे। आरोपी अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते थे, निजी तस्वीरें भेजकर डराते थे और स्पैम व OTP मैसेज भेजकर मानसिक दबाव बनाते थे। इस शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया। जांच में पता चला कि आरोपियों का नेटवर्क दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके से संचालित हो रहा था जहां से वे सैकड़ों लोगों को रोजाना धमका रहे थे।

कॉल सेंटर के पांच आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी जांच के आधार पर 29 जून को की गई कार्रवाई में विनीता, सुचिता, नितेश राठौड़ उर्फ अंकित, साहिल और पवन गोला को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी एक थर्ड पार्टी रिकवरी कॉल सेंटर में काम करते थे और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों व उनके परिजनों को धमकाकर लोन की वसूली का दबाव बनाते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और कॉल सेंटर के संचालकों व नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।