रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के मनावर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंदौर की लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर पटवारी प्रवीण पाटीदार को 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी प्लाट के नामांतरण के एवज में रिश्वत की डिमांड कर रहा था।
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दो प्लॉट के नामांतरण के लिए मांगे थे 20 हजार रुपए
जानकारी के अनुसार, तिलक मार्ग निवासी शिकायतकर्ता अरुण कुमार तिवारी ने ग्राम पंचायत कपस्थली में अपने साथी अंकुश सोनी को दो प्लॉट बेचे थे। इन प्लॉटों का नामांतरण करने के बदले हल्का नंबर 21 बीडपुरा के पटवारी प्रवीण पाटीदार द्वारा प्रति प्लॉट 10 हजार रुपए के हिसाब से कुल 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
लोकायुक्त ने जाल बिछाकर दफ्तर में ही दबोचा
पटवारी की प्रताड़ना से परेशान होकर आवेदक अरुण तिवारी ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त पुलिस से की। लोकायुक्त टीम ने जब मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, तो शिकायत बिल्कुल सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर एक विशेष दल का गठन कर मनावर भेजा गया।
जैसे ही आवेदक अरुण तिवारी रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए लेकर मनावर स्थित पटवारी दफ्तर पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी प्रवीण पाटीदार को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने पटवारी के पास से केमिकल युक्त रिश्वत के नोट भी बरामद किए हैं।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सफल कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, विजय कुमार, सतीश यादव, कमलेश परिहार, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।

