सतीश सिंह, लखनऊ. आम आदमी पार्टी (AAP) उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और छात्र संघ प्रभारी वंशराज दुबे ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और योगी सरकार पर निशाना साधते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने 27 से 29 जुलाई के बीच जौनपुर, वाराणसी और बलिया के विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित दीक्षांत समारोहों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए छात्रों, विशेषकर गोल्ड मेडलिस्टों से इसमें शामिल नहीं होने की अपील की है.

शुक्रवार को वंशराज दुबे ने कहा कि एक ओर सरकार ‘मां-बेटी सम्मेलन’ आयोजित करती है, वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता और युवाओं की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे माहौल में राज्यपाल किस नैतिक आधार पर छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगी. उनका आरोप है कि पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले युवाओं को ‘राष्ट्रद्रोही’ कहकर उनका अपमान किया गया है.

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आप नेता ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि किसी मंत्री को छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध से समस्या है और वह उन्हें ‘राष्ट्रद्रोही’ कहता है, तो उसे पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने राज्यपाल से तत्काल मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की.

वंशराज दुबे ने विश्वविद्यालयों के टॉपर्स और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों से भी भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनकी डिग्री उनके कठिन परिश्रम और माता-पिता के त्याग का परिणाम है. उन्होंने छात्रों से भ्रष्टाचार और दमन के विरोध में दीक्षांत समारोहों का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों और छात्राओं के साथ हुए कथित अत्याचारों के लिए सरकार माफी नहीं मांगती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, जबकि सरकार समाधान निकालने के बजाय विरोध करने वालों को डराने का प्रयास कर रही है. आम आदमी पार्टी ने इसे युवाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई बताते हुए कहा कि वह छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी.