लखनऊ. ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सोमवार को ‘स्वच्छ स्टेशन, स्वस्थ भारत’ अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आयोजित इस अभियान में जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने श्रमदान कर रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रैक के आसपास फैली गंदगी की सफाई की. अभियान के दौरान लगभग 25 टन कचरा एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया.
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स्टेशन परिसर से रेलवे ट्रैक तक की गई सफाई
स्वच्छता अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया. रेलवे स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म के आसपास और ट्रैक किनारे जमा कचरे को हटाया गया. अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना भी था.
‘स्वच्छता सिर्फ सरकार नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी’
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन की बुनियाद है और इसे केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि रेलवे स्टेशन, सड़क, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और कचरा इधर-उधर फेंकने से बचें.
जन भवन लगातार चला रहा है जन-जागरूकता अभियान
जन भवन द्वारा इससे पहले भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों, स्कूलों, महाविद्यालयों, अनाथ आश्रमों और राजकीय बाल गृहों में स्वच्छता अभियान चलाए जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है.
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ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा, जब सरकार और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे. श्रमदान के माध्यम से लोगों को स्वच्छ परिवेश, स्वस्थ जीवन और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया.


