सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने के बावजूद बंगाल की खाड़ी से बढ़े मानसूनी प्रवाह और मानसूनी द्रोणी के मजबूत होने के कारण प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है.

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह के मुताबिक मानसूनी द्रोणी वर्तमान में अपनी सामान्य स्थिति के करीब श्रीगंगानगर, रोहतक, हरदोई, वाराणसी, डाल्टनगंज, पुरुलिया और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है. इसके कारण प्रदेश में व्यापक मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दो दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की संभावना बनी रहेगी.

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इसके अलावा, 22 जुलाई के बाद 25 जुलाई तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं भारी वर्षा को लेकर येलो वार्निंग जारी की गई है. लगातार हो रही बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव तथा नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका भी जताई गई है. हालांकि, व्यापक वर्षा का एक सकारात्मक प्रभाव यह होगा कि प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी. तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा.

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली गिरने की आशंका वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.