लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने वाले छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. अजय राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है.
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‘लाठीचार्ज और आंसू गैस समाधान नहीं’
अजय राय ने दावा किया कि देशभर से आए हजारों छात्र-छात्राएं संसद कूच के लिए एकत्र हुए थे. उनके अनुसार, भारी बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए. कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन का समाधान संवाद से निकलता है, न कि बल प्रयोग से.
राहुल गांधी के अभियान का किया जिक्र, पेपर लीक पर सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं.
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
अजय राय ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग दोहराई. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से विपक्ष और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं पर दमन लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है और कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी.


