सतीश सिंह, लखनऊ. आलू किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में आ रही दिक्कतों, आगामी सीजन में सहायता और आलू के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने के मुद्दे पर किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उद्यान निदेशालय में प्रमुख सचिव उद्यान बी.एल. मीणा से मुलाकात की. इस दौरान मीणा ने कहा कि किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी
उद्यान भवन में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में किसानों की ओर से सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग प्रमुखता से रखी गई. संगठन ने कहा कि रजिस्ट्रेशन से लेकर सब्सिडी की राशि मिलने तक किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए.
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बैठक में आगामी सीजन में आलू पर 1 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. साथ ही, परिवहन सहायता के रूप में 1.75 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी दिए की मांग रखी. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यह लाभ बिना किसी रुकावट और आसान प्रक्रिया से किसानों तक पहुंचे.
किसानों के हित में एमएसपी जरूरी
प्रतिनिधिमंडल ने आलू के लिए MSP तय करने की मांग भी मजबूती से रखी. नेताओं का कहना था कि उत्पादन लागत बढ़ रही है और बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के कारण कई बार किसानों को फसल लागत से कम दाम पर बेचनी पड़ती है. ऐसे में उचित MSP किसानों के हित में जरूरी है. वार्ता के दौरान प्रमुख सचिव उद्यान बी.एल. मीणा ने आश्वासन दिया कि सब्सिडी के रजिस्ट्रेशन और भुगतान की प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान के प्रयास किए जाएंगे.


