सतीश सिंह, लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर योगी सरकार प्रदेश के सभी 75 जनपदों में ‘वंदे मातरम् वाटिका’ स्थापित करेगी. राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वन विभाग द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हर जिले में 150 पौधों का रोपण किया जाएगा. इन वाटिकाओं के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
वन विभाग ने सभी जिलों में वाटिका स्थापना की तैयारियां शुरू कर दी हैं. प्रत्येक जनपद में चयनित स्थल पर 150 पौधे लगाए जाएंगे. स्थानीय जलवायु और परिस्थितियों के अनुरूप छायादार, फलदार और पर्यावरण के लिए उपयोगी प्रजातियों का चयन किया जाएगा. पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी, ताकि ये वाटिकाएं भविष्य में स्थायी हरित धरोहर का रूप ले सकें.
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लखनऊ के कुकरैल पिकनिक स्पॉट में स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम् वाटिका’ का विस्तार किया जाएगा. अवध वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय के अनुसार, यहां बनाए गए अशोक चक्र की 24 तीलियों के बाहरी क्षेत्र में अशोक के पौधे लगाए जाएंगे. पौधों की सुरक्षा के लिए चारों ओर फेंसिंग भी की जाएगी. पौधरोपण में वर्तमान और सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
जनभागीदारी से बनेगी हरित और राष्ट्रभक्ति की विरासत
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) दीपक कुमार ने बताया कि ‘वंदे मातरम् वाटिका’ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है. इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, वंदे मातरम् फाउंडेशन/ट्रस्ट, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार, एनसीसी, एनएसएस, युवक एवं महिला मंगल दल और विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लगाए जाने वाले ये पौधे केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं होंगे, बल्कि भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता का संदेश भी देंगे. प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित होने वाली ‘वंदे मातरम् वाटिका’ आने वाले समय में स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का प्रतीक बनेंगी.


