Rajasthan Politics: राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जलेबी रेस चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनता के मुद्दों से ज्यादा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में उलझे हुए हैं।

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान
पत्रकारों से बातचीत में मदन राठौड़ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपनी-अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं के बयान पार्टी के अंदर गुटबाजी और नेतृत्व संकट को उजागर करते हैं। राठौड़ ने कहा कि पहले गहलोत और पायलट के बीच मतभेद सामने आए थे, जबकि अब अलग-अलग नेताओं के बयान कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को सार्वजनिक कर रहे हैं।
जनता नहीं, कुर्सी कांग्रेस की प्राथमिकता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कभी गोविंद सिंह डोटासरा कहते हैं कि उन्हें किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है, तो कभी अशोक गहलोत की तारीफ करते हैं। इससे पार्टी के भीतर असमंजस साफ दिखाई देता है।
भाजपा विकास के मुद्दे पर लड़ेगी चुनाव
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए हैं। उन्होंने ईआरसीपी परियोजना, यमुना जल समझौता, अतिरिक्त जल उपलब्ध कराने के प्रयास और बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता जैसे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय राजस्थान को बिजली खरीदनी पड़ती थी, जबकि अब राज्य बिजली उत्पादन में मजबूत स्थिति में है। राठौड़ ने कहा कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में भाजपा विकास कार्यों और सरकार के प्रदर्शन को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी। स्थानीय निकायों की जरूरतों के अनुसार संकल्प पत्र भी तैयार किया जाएगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर भी दी प्रतिक्रिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए मदन राठौड़ ने घायल महिला पुलिसकर्मी की मौत पर दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे, जिन्होंने हिंसा और देशविरोधी नारेबाजी की। मदन राठौड़ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रीमी लेयर के नियमों का पालन होना चाहिए और यदि कोई व्यक्ति उसके दायरे में आता है तो उसे तथा उसके परिवार को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
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