मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। जिले के खजौली थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पुलिस ने अवैध और नकली शराब बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए खजौली थाना अंतर्गत कसमा मरार गांव में एक नवनिर्मित मकान पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नकली शराब निर्माण से जुड़ी सामग्रियां और उपकरण हाथ लगे हैं। हालांकि पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले मुख्य आरोपी और उसके अन्य सहयोगी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन छापेमारी अभियान चला रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, खजौली थाना पुलिस को स्थानीय स्रोतों से गुप्त सूचना मिली थी कि कसमा मरार गांव में एक सुनसान और नवनिर्मित मकान के भीतर अवैध रूप से नकली शराब तैयार की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया और तुरंत मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जब पुलिस बल ने संबंधित मकान की तलाशी ली, तो वहां चल रहे अवैध कारोबार का पूरा सच सामने आ गया।


बरामद हुईं शराब निर्माण की सामग्रियां
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली शराब बनाने और उसकी पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया। बरामद की गई प्रमुख सामग्रियों में ये चीजें शामिल हैं:
- खाली कांच की बोतलें: मौके से करीब 1080 पीस खाली कांच की बोतलें बरामद की गईं, जिनका उपयोग नकली शराब भरकर बेचने के लिए किया जाना था।
- होम्योपैथिक दवाएं: विभिन्न ब्रांड की लगभग 72 लीटर होम्योपैथिक दवाएं मिलीं, जिनका उपयोग केमिकल मिलाकर नकली शराब तैयार करने में किया जाता था।
- पैकेजिंग सामग्री: शराब की बोतलों पर लगाने के लिए विभिन्न नामी ब्रांडों के रैपर, ढक्कन, स्टिकर और अन्य पैकेजिंग का सामान बड़ी संख्या में मिला।
- अन्य रसायन: नकली शराब को असली जैसा रंग और स्वाद देने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के हानिकारक केमिकल और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह संगठित गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी सस्ती होम्योपैथिक दवाओं और खतरनाक केमिकल्स को मिलाकर नकली शराब तैयार करते थे। इसके बाद, बाजार में बिकने वाली महंगी और प्रसिद्ध ब्रांडेड शराब के नाम और लोगो वाले स्टीकर, ढक्कन तथा रैपर का उपयोग करके उन बोतलों की आकर्षक पैकेजिंग करते थे। इस नकली शराब को असली शराब बताकर ग्राहकों के बीच ऊंचे दामों पर बेचा जाता था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
मुख्य आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस के आने की भनक मिलते ही मकान के अंदर अवैध धंधा चला रहे मुख्य आरोपी और उसके अन्य सहयोगी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से सभी अवैध सामग्रियों को जब्त कर लिया है और इस मामले में स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लायरों के बारे में भी गहनता से पूछताछ और जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार की पूरी जड़ तक पहुंचा जा सके।


