मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े फर्जी पासपोर्ट और अवैध विदेशी वीजा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न राज्यों से जुड़े 62 मूल पासपोर्ट, एक मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को रूस और खाड़ी (गल्फ) के देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे थे।

​कैसे हुआ मामले का खुलासा

​वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 6 और 7 सितंबर 2026 की मध्य रात्रि लगभग 2:00 बजे घोघरडीहा थाने की पुलिस टीम हनुमान चौक के पास गश्ती पर थी। शत्रुपट्टी की ओर से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों ने पुलिस वाहन को देखते ही अचानक गाड़ी मोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों की घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मो. इरशाद और रफी अहमद के रूप में हुई है।

​बरामदगी और पूछताछ में बड़ा खुलासा

​तलाशी के दौरान आरोपियों के पास मौजूद काले रंग के बैग से भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों से जुड़े कुल 62 मूल पासपोर्ट, 5 खाली रजिस्ट्री लिफाफे और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान मो. इरशाद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मो. आरजू गांव के ही ग्रामीण डाक सेवक मो. अदनान हुसैन के पते पर देश के अलग-अलग हिस्सों से विदेश भेजने के नाम पर पासपोर्ट मंगवाते थे। इसके बाद इन पासपोर्टों को पटना और कानपुर के एजेंटों मयंक और श्रवण तक पहुंचाया जाता था।

​मुख्य सरगना और डाककर्मी की गिरफ्तारी

​इस खुलासे के बाद पुलिस ने छापामारी करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना मो. आरजू और संलिप्त डाककर्मी मो. अदनान हुसैन को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। मुख्य सरगना मो. आरजू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि रूस में रहने के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था। वह वर्ष 2024 से डाककर्मी की मिलीभगत से नौकरी का प्रलोभन देकर पासपोर्ट मंगाता था और प्रति पासपोर्ट दो-दो लाख रुपये वसूलकर लोगों को टूरिस्ट वीजा पर अवैध रूप से विदेश भेजता था। साथ ही, वह अन्य लोगों के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार कर एक बड़ा तस्करी सिंडिकेट चला रहा था।

​आगे की कानूनी कार्रवाई

​घोघरडीहा थाने में इस संबंध में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह के तार जुड़े होने के कारण पटना और कानपुर के अन्य एजेंटों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।