पटना विश्वविद्यालय (PU) के छात्र सोमवार से अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर सीनेट हॉल के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में एलएलबी प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक, स्नातकोत्तर (PG) कक्षाओं में भारी फीस वृद्धि और एमएफए (MFA) की पढ़ाई अब तक शुरू न होने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए जा रहे हैं। इससे पहले संगठन ने इन मांगों के समर्थन में एक जोरदार विरोध मार्च भी निकाला था।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही और अनदेखी का आरोप
छात्र नेता बिट्टू भारद्वाज ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में आयोजित एलएलबी प्रवेश परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हो गया था। इसकी सूचना तुरंत कुलपति, डीन और परीक्षा नियंत्रक को दी गई थी। प्रशासन ने पेपर बाहर आने की बात तो स्वीकार की, लेकिन परीक्षा रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराने से साफ इनकार कर दिया।
एआईएसएफ के जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही छात्रों ने पटना विश्वविद्यालय के कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाने की पुरजोर मांग की है।
AISF की प्रमुख मांगें
- एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान हुए प्रश्नपत्र लीक की निष्पक्ष जांच कराई जाए और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित हो।
- पीजी पाठ्यक्रमों में की गई व्यापक फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
- पटना विश्वविद्यालय में एमएफए (MFA) की पढ़ाई अविलंब शुरू की जाए।
- पटना विश्वविद्यालय सेंट्रल लाइब्रेरी को चौबीसों घंटे (24×7) छात्रों के लिए खोला जाए।
- विश्वविद्यालय परिसर के भीतर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



