मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। शहर में जिला प्रशासन द्वारा छात्र-हित में एक पहल की गई है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास में विद्यार्थी सहयोग शिविर का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है।

​विद्यार्थियों से सीधा संवाद और पोर्टल की जानकारी

​शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से खुलकर बातचीत की और उनकी शैक्षणिक तथा आवासीय समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को जानकारी दी गई कि वे पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, जिसके समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

​पुस्तकालयों के ऑडिट और गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों के निर्देश

​संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने छात्रावासों में पुस्तकालय की स्थिति और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले के सभी छात्रावास पुस्तकालयों का ऑडिट कराने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए छात्रावासों में नवीनतम संस्करण और उच्च गुणवत्ता वाली उपयोगी पुस्तकें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं।

​व्यापक स्तर पर शिविरों का आयोजन

​प्राणीशास्त्र के छात्र सचिन कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों ने इस प्रशासनिक पहल की भूरी-भुरी प्रशंसा की। छात्रों ने छात्रावासों के नियमित निरीक्षण की मांग भी रखी, जिस पर डीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि डीएम के निर्देश पर मधुबनी के विभिन्न महाविद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और अम्बेडकर छात्रावासों सहित 50 से अधिक स्थानों पर ऐसे शिविर लगाए गए, जहां छात्रों ने बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
​इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक रश्मि, जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पाण्डेय और जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी शिवम कुमार सहित कई प्रमुख अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।