प्रदीप मालवीय, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए गर्व की खबर है। श्री महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया में सुरक्षा के लिए तैयार किया गया ‘त्रिनेत्र’ प्रोजेक्ट अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है । AI आधारित इस अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है ।
उज्जैन का ‘TRINETRA – AI Based Video Surveillance System’ अब देश की उत्कृष्ट डिजिटल नवाचार परियोजनाओं में शामिल हो गया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर द्वारा संचालित इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।
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कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि यह बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसमें आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया है । इससे मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हुई है । पुरस्कार के चयन से पहले केंद्र सरकार की टीम ने उज्जैन पहुंचकर इस परियोजना का निरीक्षण किया था। इसके बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 13 सदस्यीय राष्ट्रीय ज्यूरी के सामने प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया। सभी चरणों में सफल रहने के बाद ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया ।
इस अत्याधुनिक सिस्टम में फेसियल रिकॉग्निशन, वाहन नंबर प्लेट पहचान यानी ANPR, रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स और भीड़ प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उज्जैन स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्थापित इस नेटवर्क में 500 से अधिक AI-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत इस उपलब्धि को सम्मानित किया जाएगा । पुरस्कार वितरण 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में किया जाएगा ।
महाकाल मंदिर की सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला ‘त्रिनेत्र’ अब पूरे देश के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है। यह सम्मान न केवल मंदिर प्रशासन की उपलब्धि है, बल्कि पूरे उज्जैन के लिए गर्व का विषय है, जिसने एक बार फिर तकनीक और आस्था के संगम की मिसाल पेश की है।

