Maharashtra: महाराष्ट्र में डिप्टी CM एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नाराज होने के अटकलों के बीच उनका बड़ा बयान सामने आया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के बैठक से नदारद रहने को लेकर विपक्ष उन पर हमलावर थी. शिंदे ने विपक्ष काे इसका जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि वह जो वादा करते हैं. उसे पूरा करते हैं, लेकिन जिन लोगों ने उन्हें हल्के में लिया है, उनका क्या हाल हुआ है? यह सभी जानते हैं. शिंदे ने यह भी कहा कि, एक बार जब मैं कोई प्रतिबद्धता जता देता हूं तो फिर मैं खुद की भी नहीं सुनता. मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं. मुझे हल्के में मत लो.
महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शनिवार को रत्नागिरी में एक कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कोंकण के क्षेत्रवासियों का महाराष्ट्र में दूसरी बार सरकार बनाने के लिए आभार व्यक्त भी किया.
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि, हम सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए हैं. हम लोगों को सुनहरे दिन दिखाने के लिए राजनीति में आए हैं. इसकी शुरुआत हमने ढाई साल पहले की थी. हमें अब वह गति दिखानी होगी. हम घर बैठकर सरकार नहीं चलाते, हम जनता के लिए सड़कों पर निकलते हैं.
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उन्होंने आगे कहा कि, राजनीति में पद ऊपर-नीचे होते रहते हैं, लेकिन मुझे महाराष्ट्र में ‘लड़का भाऊ’ के रूप में नई पहचान मिली. यह पद सभी पदों से अधिक है. इससे मैं संतुष्ट हूं. इस पर मुझे गर्व है. मैं महाराष्ट्र के लिए समर्पण की भावना से तब तक काम करूंगा जब तक मेरे खून की एक-एक बूंद बह न जाए. वे बकवास बातें कर रहे हैं. इस महाराष्ट्र ने आपको घर जैसा एहसास कराया. वे अभी भी नहीं समझे.
मैं खुद की भी नहीं सुनता…
डिप्टी सीएम शिंदे ने लोगों का आभार जताते हुए कहा, “मैं जब एक बार कोई प्रतिबद्धता जता देता हूं तो फिर मैं खुद की भी नहीं सुनता. मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं. मुझे हल्के में मत लो. वह बालासाहेब और दिघे साहेब के कार्यकर्ता हैं.”
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एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से कहा, “आप जानते हैं कि जिन लोगों ने मुझे हल्के में लिया, उनका क्या हुआ” उन्होंने बाद में यह भी कहा. “मैंने जो वचन दिया था और मैं उसे निभाने आया हूं. मैं बालासाहेब के चरणों में विजय अर्पण करने आया हूं. बालासाहेब को कोंकण बहुत प्रिय था. आप भी शिवसेना, बालासाहेब और धनुषबाण से प्रेम करते थे.

