हरियाणा के रोहतक की रहने वाली देश की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर मेजर अभिलाषा बड़क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। जिस हरियाणा को कभी कन्या भ्रूण हत्या के कलंक ने राष्ट्रीय स्तर पर कठघरे में खड़ा किया था, उसी हरियाणा की बेटी आज संयुक्त राष्ट्र (UN) तक अपनी पहचान दर्ज करा रही है। यह केवल एक सैन्य अधिकारी की उपलब्धि नहीं, बल्कि बदलती सामाजिक सोच और बेटियों के बढ़ते हौसले की कहानी भी है, जहां अब सपनों को सीमाओं में नहीं बांधा जा रहा।
हरियाणा के रोहतक जिले के गांव बालंद की बेटी मेजर अभिलाषा बड़क ने देश की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट बनकर नया इतिहास रचा था। अब उनकी इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है और संयुक्त राष्ट्र उन्हें सम्मानित करने जा रहा है। उनकी सफलता ने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।
कभी जिस प्रदेश में बेटियों को लेकर नकारात्मक तस्वीर पेश की जाती थी, आज वहीं की बेटियां सेना, खेल, विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई मिसाल कायम कर रही हैं। मेजर अभिलाषा बड़क की उपलब्धि उसी बदलते हरियाणा की मजबूत तस्वीर बनकर सामने आई है।

