गुलशन कुमार, नारनौल। हरियाणा सरकार ने महेंद्रगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिले में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-हेल्थ सेंटर) खोलने की मंजूरी दी है। वहीं, रामबास (ढाणा) स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का दर्जा दिया गया है।
ग्रामीणों को गांव में ही मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर गांव और हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। रामबास में पीएचसी बनने से अब क्षेत्रवासियों को ओपीडी, प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की बचत होगी।
इन गांवों में खुलेंगे नए उप-स्वास्थ्य केंद्र
सरकार की मंजूरी के बाद जिले के छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छिलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुंड, नायन, राय मलिकपुर, मुसनोता, चंदपुरा, नांगल नूनिया और सेका गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का टीकाकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी उपचार गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी और चिकित्सा सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी। यह पहल जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोगों को उनके घर के निकट बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन केंद्रों पर आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाइयां और पर्याप्त स्वास्थ्य स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

