TVK चीफ विजय के सीएम पद के शपथ ग्रहण समारोह के शुरु होने से पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम, फिर राष्ट्रगान जन गन मन और आखिर में राज्य का आधिकारिक गीत बजाया गया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. राज्य में सरकारी कार्यक्रमों के प्रारंभ में परंपरागत रूप से इस गीत को गाया जाता है. हालांकि, विवाद बढ़ने पर टीवीके सरकार में मंत्री आधव अर्जुन स्पष्टीकरण जारी किया.
तमिलनाडु में सी. जोसफ विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में तमिल थाई वाझथु (प्रार्थना) गीत को वंदे मातरम् और जन गण मन के बाद तीसरे स्थान पर गाया गया.
टीवीके सरकार में मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि केवल तमिलनाडु में ही नहीं, बल्कि भारत के सभी राज्यों में, कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य भाषा का मंगलाचरण गीत बजाया जाना चाहिए. केंद्र सरकार को इसके लिए उचित कदम उठाने चाहिए. यह पूरे तमिलनाडु के लोगों की भावना और एकजुट संकल्प है.
‘नीरारुम कडलुडुथ…’ से शुरू होने वाले तमिल थाई वंदन गीत को 100 साल से अधिक पुरानी ऐतिहासिक विरासत का गौरव प्राप्त है. ‘यह गीत पूरी दुनिया में गूंजना चाहिए…’ इसी आदर्श को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु सरकार ने इसे राज्य गीत घोषित किया था. यह अत्यंत प्रतिष्ठित तमिल प्रार्थना गीत तमिलनाडु में सरकारी समारोहों सहित सभी कार्यक्रमों में सबसे पहले बजाया जाता है. यह अत्यंत प्रतिष्ठित तमिल प्रार्थना गीत तमिलनाडु में सरकारी समारोहों सहित सभी कार्यक्रमों में सबसे पहले बजाया जाता है.
मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है. यह सामान्य और उचित प्रथा है. तमिलगा वेट्री कज़गम के नेतृत्व में गठित तमिलनाडु की नई सरकार इस स्थापित प्रथा पर कोई असहमति नहीं रखती है. तमिलनाडु में TVK के नेतृत्व में बनी नई सरकार को भी इस परंपरा को लेकर कोई वैकल्पिक मत नहीं है.
ऐसे में, कल 10 मई 2026 को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में, पहले वंदे मातरम बजाया गया, फिर राष्ट्रगान और अंत में तमिल प्रार्थना गीत बजाया गया था.
उन्होंने कहा कि यह नई प्रथा तमिलनाडु के लिए अनुचित है. तमिलनाडु में, तमिलगा वेट्री कज़गम के नेतृत्व में गठित तमिलनाडु सरकार, तीसरे स्थान पर तमिल मंगलाचरण गीत बजाए जाने से सहमत नहीं है. जब हमने इस मामले पर राज्यपाल से बात की, तो उन्होंने बताया कि वह, एक जिम्मेदार प्राधिकारी होने के नाते, केंद्र सरकार के नए परिपत्र के अनुसार कार्य करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि, इसी कारण, अपरिहार्य परिस्थिति में तमिल थाई वंदन गीत तीसरे क्रम में बजाया गया, लेकिन भविष्य में यह नई व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी. पहले की परंपरा के अनुसार ही कार्यक्रम की शुरुआत तमिल थाई वंदन गीत से होगी और अंत राष्ट्रगान से किया जाएगा.
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